Uttar Pradesh News: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर एक बहुत बड़ा विवाद सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चंदे और मैनेजमेंट में भारी गड़बड़ी के संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने आगरा के एक प्रोग्राम में मैनेजमेंट व्यवस्था को पूरी तरह फेल बताते हुए सीधा हमला बोला है।
शंकराचार्य ने ट्रस्ट प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल
शंकराचार्य ने तीखे शब्दों में कहा कि जब चोर को ही रक्षक बना दिया जाएगा तो परिणाम भी ऐसे ही भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों के ऑपरेशन में पारदर्शिता की भारी कमी है। इसके साथ ही सिस्टम में परंपरागत धर्माचार्यों की भूमिका को पूरी तरह से इग्नोर किया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि अयोध्या राम मंदिर जैसे पवित्र और बड़े धार्मिक स्थल की कमान किसी विशेष आर्गेनाइजेशन के हाथों में बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। इस बड़े मंदिर का पूरा संचालन देश के वरिष्ठ धर्माचार्यों और परंपरागत धार्मिक गुरुओं के सीधे गाइडेंस और लीडरशिप में ही होना बेहद जरूरी है।
धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में मचा भारी हड़कंप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मुताबिक इतने पावन स्थलों की जिम्मेदारी सिर्फ एक सरकारी या एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रखी जा सकती। इस बयान के वायरल होते ही राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पुराने मुद्दों पर सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर एक नई बहस छिड़ गई है।
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट या सफाई सामने नहीं आई है। देश के बड़े धार्मिक और पॉलिटिकल सर्कल में इस तीखे बयान को लेकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं।
कुछ बड़े एक्सपर्ट्स इसे पूरी धार्मिक व्यवस्था को सुधारने की एक कोशिश मान रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल यह हाई प्रोफाइल मामला पूरे देश की मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
Reported By: Ajay Mishra


