West Bengal News: बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची भीषण बगावत के बीच लगातार इस्तीफे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब टीएमसी के बागी सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा है।
बागी सांसद बसुनिया ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सांसद बसुनिया ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर बोलने की आजादी बिल्कुल नहीं बची है। ऊपर से जो भी आदेश आता है, उसे आंख बंद करके मानना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में बागी सांसदों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग घुटन महसूस कर रहे हैं।
बागी नेता ने कहा कि पार्टी में जमीनी नेताओं की कोई सुनवाई नहीं होती है। साल 2019 में भी हमने मुख्य बैठकों में अपने जरूरी मुद्दे रखे थे, लेकिन हाईकमान ने हमारी एक न सुनी। अगर कोई नेता हक के लिए ज्यादा बोलता है तो उसे तुरंत पद से हटाकर दरकिनार कर दिया जाता है।
विधायकों और सांसदों के टूटने से भारी संकट में टीएमसी
चुनावी हार और आंतरिक कलह के कारण तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। पिछले हफ्ते ही पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों (80 में से 58) ने ऑफिशियल विधायक दल से अलग होकर विधानसभा में मुख्य विपक्षी गुट के तौर पर नई मान्यता हासिल कर ली है।
इन बागी विधायकों का नेतृत्व पार्टी से निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी कर रहे हैं। इसके अलावा काकोली घोष के नेतृत्व वाले गुट ने 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों के समर्थन का बड़ा दावा किया है। साथ ही राज्यसभा से भी टीएमसी के तीन वरिष्ठ सांसद अब तक इस्तीफा दे चुके हैं।
महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी ने भी दी सख्त प्रतिक्रिया
इस बड़े संकट पर महुआ मोइत्रा ने 91वें संविधान संशोधन के नियम का हवाला देते हुए बागी नेताओं पर निशाना साधा है। दूसरी तरफ सीनियर नेता कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और अनुभवी नेताओं में से किसी एक को चुनें।
कल्याण बनर्जी ने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक पर अहंकार और अस्थिर मानसिकता का खुला आरोप लगाया है। उन्होंने खुद को अभिषेक से संबंधित सभी कानूनी अदालती मामलों से अलग कर लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी कोर्ट में करते रहेंगे।
Author: Sourav Banerjee


