India News: अफ्रीकी देशों, विशेषकर कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। यद्यपि भारत में अभी तक संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है, फिर भी एहतियात के तौर पर सरकार ने देश के सभी प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी है।
विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने एयरलाइनों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कांगो और युगांडा से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही, यात्रियों को विमान से उतरने से पहले एक अनिवार्य सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना जरूरी है।
एयर इंडिया, इंडिगो, एमिरेट्स और एतिहाद समेत करीब 13 से अधिक एयरलाइनों को इन नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले यात्री की जानकारी तुरंत इमिग्रेशन और हेल्थ यूनिट को दें। उड़ानों के दौरान भी विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
यदि विमान में कोई यात्री इबोला के लक्षणों, जैसे बुखार, सिरदर्द, गले में खराश या उल्टी के साथ मिलता है, तो उसे विमान के पिछले हिस्से में आइसोलेट किया जाएगा। साथ ही, उस यात्री के आसपास की कम से कम तीन पंक्तियों को खाली रखने के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा और निगरानी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने देश के सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। एनएमडीसी और आईसीएमआर जैसी संस्थाओं को इबोला के सटीक पता लगाने और निगरानी रखने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है ताकि किसी भी जोखिम को टाला जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला के प्रकोप को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है। इबोला एक अत्यधिक गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीने या अन्य तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य समय रहते संदिग्ध मामलों की पहचान करना है।
सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, ट्रिपल लेयर मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर का स्टॉक रखने को कहा गया है। विमान में चालक दल और यात्रियों को इबोला के खतरों और लक्षणों के प्रति जागरूक करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि संक्रमण का प्रसार किसी भी स्थिति में न हो।
Author: Asha Thakur

