ईरान-इजराइल युद्ध के चलते आसमान पर पहुंचे पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए आपके शहर में कितनी बढ़ गई कीमतें

Rajasthan News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच देश में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त आग लग गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम जनता को बड़ा झटका लगा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।

ताजा बढ़ोतरी के बाद जयपुर में पेट्रोल 2.82 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके साथ ही डीजल की कीमतों में भी 2.72 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। इस बढ़ोतरी से हर वर्ग की आर्थिक परेशानी काफी बढ़ गई है।

नई दरें लागू होने के बाद गुलाबी नगरी जयपुर में अब पेट्रोल 112.69 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल का भाव भी बढ़कर 97.81 रुपये प्रति लीटर हो चुका है। तेल की नई कीमतों से वाहन चालक बेहद परेशान हैं।

पिछले दस दिनों में चार बार बढ़े ईंधन के दाम

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है। तेल कंपनियों ने बीती 15 मई को पहली बार पेट्रोल के दाम 3.25 रुपये बढ़ाए थे। उसी दौरान डीजल की कीमतों में भी 3.02 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

इसके बाद से अब तक कुल चार बार तेल की कीमतों में इजाफा हो चुका है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर पेट्रोल करीब 7.94 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं डीजल भी 7.57 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

ईरान और इजराइल तनाव के कारण वैश्विक बाजार प्रभावित

आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इसका मुख्य कारण हैं। ईरान और इजराइल के बीच जारी भारी सैन्य तनाव से वैश्विक तेल बाजार पूरी तरह हिल गया है। इस युद्ध जैसी स्थिति से आपूर्ति प्रभावित हुई है।

वैश्विक बाजार में जो क्रूड ऑयल पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था। वह अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। महंगे कच्चे तेल के कारण भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों की कुल लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल और सब्जियां हुईं महंगी

पेट्रोलियम कंपनियां अपने वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए लगातार रिटेल कीमतें बढ़ा रही हैं। तेल के दाम बढ़ने से अब देश में माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन काफी महंगा हो गया है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।

सब्जी मंडियों में हरी सब्जियों और फलों के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। इसके अलावा आम लोगों के लिए बस, ऑटो और टैक्सी का किराया भी बढ़ गया है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए मासिक खर्च संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।

महंगाई की मार से प्रदेश का पर्यटन उद्योग भी बेहाल

ईंधन की इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी का सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी साफ दिखने लगा है। यात्रा खर्च बढ़ने से राज्यों में पर्यटकों की संख्या घटने की आशंका है। होटल, ट्रैवल और परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी भारी नुकसान का दावा कर रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं हुईं तो ईंधन और महंगा होगा। फिलहाल आम उपभोक्ताओं को इस कमरतोड़ महंगाई से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

Author: Manish Rathore

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