Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक सर्विस शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की 12वीं परीक्षा की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक छात्र ने बोर्ड पर किसी दूसरे परीक्षार्थी की आंसर शीट भेजने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना के बाद मूल्यांकन में पारदर्शिता की मांग को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है।
सीबीएसई ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी हासिल करने के लिए आवेदन की समयसीमा बढ़ा दी है। अब परीक्षार्थी 25 मई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसी बीच इस हैरान करने वाले मामले ने बोर्ड की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
छात्र ने सोशल मीडिया पर बयां किया अपना दर्द
वेदांत नाम के छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी आपबीती साझा की। उसने बताया कि फिजिक्स विषय में बहुत कम अंक मिलने पर उसने री-इवैल्यूएशन के तहत आंसर शीट की फोटोकॉपी मांगी थी। छात्र के मुताबिक बोर्ड की तरफ से मिली आंसर शीट पर लिखा निबंध और लिखावट उसकी नहीं है।
पीड़ित छात्र ने बताया कि उसने फिजिक्स के साथ-साथ गणित, कंप्यूटर साइंस और अंग्रेजी विषयों की कॉपियों के लिए भी आवेदन किया था। उसे सीबीएसई से एक ईमेल मिला, जिसमें सभी उत्तर पुस्तिकाओं को देखने के लिंक मौजूद थे। जब उसने अन्य विषयों की कॉपियां देखीं, तो उनमें उसकी अपनी हैंडराइटिंग साफ नजर आई।
‘रोल नंबर मेरा है पर लिखावट किसी और की’
वेदांत ने मीडिया के सामने आकर अपनी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका दिखाई। छात्र ने कैमरे पर दावा किया कि आंसर शीट के पहले पन्ने पर उसका ही रोल नंबर दर्ज है। लेकिन अंदर के पन्नों पर की गई लिखावट किसी अन्य छात्र की है, जिसे कोई भी आसानी से पहचान सकता है।
परेशान छात्र ने सीबीएसई को आधिकारिक ईमेल भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने बोर्ड से अपनी मूल फिजिक्स आंसर शीट को सत्यापित करने की मांग की है। इसके साथ ही उसने पूरी डिजिटल स्कैनिंग प्रक्रिया के ऑडिट की भी अपील की है। फिलहाल बोर्ड ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
Author: Gaurav Malhotra


