Kerala News: केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रतन यू केलकर की अपने सचिव के रूप में नियुक्ति का कड़ा बचाव किया है। यह नियुक्ति राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। सतीशन ने भाजपा और माकपा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि रतन यू केलकर एक बेहद कुशल और ईमानदार अधिकारी हैं। उनके पास विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने का शानदार अनुभव है। चुनाव से पहले किसी भी राजनीतिक दल ने उनके खिलाफ कोई भी शिकायत या आरोप दर्ज नहीं कराया था।
नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि यह एक तय मानक के अनुसार होता है। राज्य सरकार योग्य अधिकारियों के नामों की एक सूची चुनाव आयोग को भेजती है। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त अंतिम नाम का चयन अपनी पूरी सूझबूझ से करते हैं।
रतन यू केलकर ने केरल चुनावों के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अहम जिम्मेदारी निभाई थी। चुनाव के बाद उनके तबादले और नई नियुक्ति पर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि चुनाव ड्यूटी के बाद अधिकारियों का अहम पदों पर जाना एक बेहद सामान्य और पुरानी प्रशासनिक प्रक्रिया है।
इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जब मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में काम कर चुके अधिकारियों ने बाद में महत्वपूर्ण सरकारी पदों की जिम्मेदारी संभाली है। सतीशन ने जोर देकर कहा कि केलकर को केवल उनकी शानदार प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता के आधार पर ही सचिव पद के लिए चुना गया है।
Author: Nikhil Nair

