Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में आज सुबह की शुरुआत दहशत के साथ हुई। 31 मार्च 2026 की अल सुबह जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी धरती में हलचल महसूस की गई। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, सुबह 04:33:22 बजे भूकंप के झटकों ने शांति को भंग कर दिया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है। हालांकि तीव्रता कम थी, लेकिन इसने पहाड़ी राज्य में सुरक्षा और सतर्कता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
जमीन के नीचे 10 किलोमीटर था केंद्र
नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। वैज्ञानिक गणना के अनुसार, यह 32.171 N अक्षांश और 76.241 E देशांतर पर केंद्रित रहा। राहत की बात यह रही कि कम तीव्रता के कारण जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की तीव्रता वाले ये झटके अक्सर पहाड़ी इलाकों में टेक्टोनिक प्लेटों के समायोजन का संकेत होते हैं।
हिमाचल में बार-बार क्यों कांप रही है जमीन?
हिमाचल प्रदेश में भूकंप का यह पहला मामला नहीं है। इसी साल 15 जनवरी 2026 को मंडी जिला भी भूकंप की थरथराहट देख चुका है। उस समय दोपहर के 12 बजकर 57 मिनट पर झटके महसूस किए गए थे। मंडी में भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था। हिमाचल का एक बड़ा हिस्सा सीस्मिक जोन 4 और 5 में आता है। यही कारण है कि यहां बार-बार आने वाले ये झटके प्रशासन और निवासियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।


