Himachal News: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर छिड़ा विवाद अब एक गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट का रूप ले चुका है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर सुक्खू सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकार के एक अदूरदर्शी फैसले ने पड़ोसी राज्यों के साथ रिश्तों में दरार डाल दी है। बॉर्डर इलाकों में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और घंटों तक लगने वाले जाम ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जयराम ठाकुर ने साफ तौर पर कहा कि यदि सरकार ने तुरंत इस टैक्स वृद्धि पर पुनर्विचार नहीं किया, तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पर्यटन उद्योग पूरी तरह चरमरा सकता है।
बॉर्डर पर तनाव और चक्का जाम के हालात
जयराम ठाकुर के मुताबिक एंट्री टैक्स के कारण हिमाचल और पंजाब के लोगों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है। बीते दिनों बॉर्डर इलाकों में करीब चार घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि टैक्स वापस नहीं लिया गया, तो वे हिमाचल के वाहनों को पंजाब में प्रवेश नहीं करने देंगे। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अब तक ‘सुखविंदर सिंह’ नहीं बन पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना सोचे-समझे निर्णय ले रही है, जिसका खामियाजा अब पर्यटन और टैक्सी ऑपरेटरों को भुगतना पड़ रहा है।
234 प्रतिशत टैक्स वृद्धि ने तोड़ी कमर
नेता प्रतिपक्ष ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि छोटे वाहनों की एंट्री फीस में 234 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यूटिलिटी वाहनों को मिलने वाली पुरानी छूट को भी सरकार ने खत्म कर दिया है। इसका सीधा बोझ हिमाचल के उन गरीब किसानों और बागवानों पर पड़ेगा, जो अपनी सब्जियां और फल मंडी तक पहुंचाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री सुक्खू को इस मामले पर खुद पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए ताकि विवाद को संवाद से सुलझाया जा सके।
अफसरशाही और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला
जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को कुछ चुनिंदा अधिकारी चला रहे हैं। कार्यकारी मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, काफी हास्यास्पद है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा नेता ने अधिकारियों को भी आगाह किया कि गलत काम करने वालों पर अगली सरकार आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाजपा इस जनविरोधी नीति के खिलाफ सदन से सड़क तक अपना विरोध जारी रखेगी।


