National News: देश में महिला सशक्तीकरण को अक्सर शिक्षा और रोजगार से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि घर के भीतर बड़े फैसलों में महिलाओं की कितनी चलती है, यह भी एक बड़ा पैमाना है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस मामले में उत्तर-पूर्वी राज्यों की महिलाएं सबसे आगे हैं।
ताजा सर्वे के मुताबिक देश की करीब 89 फीसदी विवाहित महिलाएं घर के तीन प्रमुख फैसलों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। इन फैसलों में महिलाओं की खुद की सेहत की देखभाल, घर की बड़ी खरीदारी और रिश्तेदारों से जुड़े जरूरी पारिवारिक मामले मुख्य रूप से शामिल हैं।
पूर्वोत्तर के राज्यों का जलवा
घरेलू फैसलों में महिलाओं की भागीदारी के मामले में नागालैंड पूरे देश में शीर्ष स्थान पर है। नागालैंड में 98.9 फीसदी विवाहित महिलाएं घर के अहम फैसलों में अपनी राय रखती हैं। इस सूची में दूसरे नंबर पर सिक्किम (98.6%) और तीसरे नंबर पर मिजोरम (98.5%) मौजूद है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार देखा गया है। दिल्ली की 90.7 फीसदी विवाहित महिलाएं अब घरेलू निर्णयों में अपनी मजबूत भागीदारी निभा रही हैं। दिल्ली का यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से काफी बेहतर है।
शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। सर्वे के अनुसार दिल्ली में महिलाओं की आर्थिक और डिजिटल भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। यहां खुद का बैंक या बचत खाता इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या 72.5 फीसदी से बढ़कर 86.7 प्रतिशत हो गई है।
Author: Pallavi Sharma


