New Delhi News: भारतीय सीमाओं पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच रक्षा क्षेत्र से एक बहुत बड़ी खबर आई है। भारत अब अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए स्वदेशी तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ एक बेहद खतरनाक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन बना रहा है। इसका नाम घातक रखा गया है। सरकार ने ऐसे सड़सठ आधुनिक ड्रोन खरीदने को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह आधुनिक ड्रोन भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता को कई गुना तक बढ़ा देगा।
फाइटर जेट जैसी होगी इस स्वदेशी ड्रोन की ताकत
डीआरडीओ के अनुसार घातक ड्रोन की मारक क्षमता किसी आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट से बिल्कुल कम नहीं होगी। यह मानवरहित विमान सिर्फ दुश्मन की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा। यह जरूरत पड़ने पर दुश्मन के ठिकानों पर सीधे और सटीक हमले भी कर सकता है। इस खतरनाक यूसीएवी का कुल वजन करीब तेरह टन होगा। रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने इसकी सड़सठ यूनिट खरीदने को हरी झंडी दिखा दी है। यह वायुसेना के लिए एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
रडार को चकमा देने वाली स्टील्थ तकनीक से लैस
घातक ड्रोन एक खास फ्लाइंग विंग डिजाइन पर पूरी तरह आधारित होगा। यह बिना किसी पायलट के दुश्मन के इलाके में गहराई तक घुसकर बड़ा हमला करेगा। इस खतरनाक ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टील्थ तकनीक है। इस तकनीक से यह दुश्मन के आधुनिक रडार को भी आसानी से चकमा दे सकता है। इसे मुख्य रूप से डीप स्ट्राइक ऑपरेशन के लिए ही तैयार किया जा रहा है। यह दुश्मन के सैन्य ठिकानों को आसानी से तबाह कर देगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर
घातक प्रोजेक्ट भारत के विशाल स्वदेशी ड्रोन विकास कार्यक्रम का एक बहुत अहम हिस्सा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। यह भविष्य के हर बड़े और खतरनाक युद्ध के लिए भारतीय वायुसेना को मजबूती से तैयार करेगा। भारी स्टील्थ क्षमता और अचूक मारक क्षमता के साथ यह ड्रोन गेम चेंजर साबित होने वाला है। यह आधुनिक मानवरहित विमान भारत को युद्ध कौशल में अजेय बढ़त दिलाने वाला हथियार है।


