Assam News: असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में दरारें उभरने लगी हैं। गठबंधन सहयोगी रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए कोई प्रभावी काउंटर प्लान नहीं था। गोगोई ने चुनावी अभियान को “अव्यवस्थित” और “आधे-अधूरे मन” से चलाया गया बताया। चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने 126 में से 102 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है।
गठबंधन में देरी और रणनीति का अभाव
सिबसागर से दोबारा विधायक चुने गए अखिल गोगोई ने हार के कारणों का विस्तार से विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और रायजोर दल के बीच गठबंधन चुनाव से मात्र 20 दिन पहले तय हुआ था। इस देरी के कारण विपक्ष कोई ठोस रणनीति नहीं बना सका। भाजपा ने पांच-छह स्तरों पर अपनी योजना तैयार की थी। विपक्ष का ज्यादातर समय आपसी तालमेल बिठाने में ही बर्बाद हो गया। इसकी वजह से जनता के बीच भाजपा के मुकाबले वैकल्पिक विजन नहीं पहुंच सका।
भाजपा की ध्रुवीकरण और लाभार्थी राजनीति
अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि भाजपा ने परिसीमन और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का राजनीतिक लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या घटाकर 22 कर दी गई। भाजपा ने ‘बांग्लादेशी’ और ‘मियां’ जैसे मुद्दों को उठाकर ध्रुवीकरण किया। विपक्ष के पास इन आक्रामक मुद्दों का जवाब देने के लिए कोई ठोस वैचारिक रणनीति मौजूद नहीं थी। भाजपा ने विकास, लाभार्थी योजनाओं और मीडिया प्रबंधन के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में एकजुट कर लिया।
कांग्रेस नेतृत्व और केंद्रीय प्रचार पर सवाल
गोगोई ने कांग्रेस के स्थानीय और केंद्रीय नेतृत्व पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व नेता प्रतिपक्ष देब्रत सैकिया को विधानसभा में “मौन” रहने वाला नेता बताया। गोगोई के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने असम में पर्याप्त समय नहीं दिया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लगातार राज्य का दौरा कर माहौल बनाया। उन्होंने दावा किया कि लोग ऐसा प्रतिनिधि चाहते थे जो विधानसभा में मजबूती से उनकी आवाज उठा सके।
कांग्रेस नेताओं का अखिल गोगोई पर पलटवार
अखिल गोगोई के आरोपों पर कांग्रेस नेताओं ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है। देब्रत सैकिया ने कहा कि गोगोई केवल कांग्रेस के समर्थन की वजह से ही चुनाव जीत पाए हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारती, तो गोगोई की जीत नामुमकिन होती। असम महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने भी गोगोई पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या गोगोई ने अकेले ही गठबंधन तोड़ने का मन बना लिया है। इस आरोप-प्रत्यारोप ने विपक्षी एकता की पोल खोल दी है।
2026 चुनाव के बड़े चुनावी अंतर वाले विजेता
वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में कई राज्यों में अप्रत्याशित नतीजे सामने आए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ सीटों पर जीत का अंतर एक लाख मतों से भी अधिक रहा। इन बड़ी जीतों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों का पलड़ा भारी रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने भी कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। चुनाव परिणामों का यह डेटा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की नई दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


