Bengaluru News: कर्नाटक की राजनीति में आज एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आठ बार के विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया से सत्ता का हस्तांतरण आधिकारिक रूप से पूरा हो गया है।
बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक पल से ठीक पहले मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी मां गौरम्मा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान भावुक कर देने वाले पल भी देखने को मिले।
कैबिनेट में इन 13 चेहरों को मिली जगह
नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ 13 अन्य प्रमुख विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। इस नई सरकार में वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का बड़ा फैसला लिया गया है। इससे राज्य के बड़े सामाजिक समीकरणों को साधने की सफल कोशिश की गई है।
कैबिनेट में शामिल होने वाले अन्य मंत्रियों में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया, यूटी खादर और एमबी पाटिल के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही केजे जॉर्ज, केएच मुनियप्पा, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंका खड़गे, ईश्वर खंड्रे, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने भी शपथ ली।
शपथ ग्रहण में उमड़ा दिग्गज नेताओं का हुजूम
इस हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विशेष रूप से शामिल हुए। उनके साथ ही कांग्रेस शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी बेंगलुरु पहुंचे। इस समारोह को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर यह पूरी रणनीति बनाई है। नए मंत्रिमंडल के गठन में दलित, लिंगायत और अहिंदा समुदायों के बीच एक मजबूत संतुलन बनाने का पूरा प्रयास किया गया है, ताकि सभी को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
Adv Anuradha Rajput


