Maharashtra News: महाराष्ट्र के नांदेड़ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई की है जिसने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस ने एक गोपनीय सूचना के आधार पर ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ चलाकर करीब 4,796 घातक हथियार बरामद किए हैं। इसे राज्य के इतिहास में हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी खेप बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
आधी रात को पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
यह पूरा ऑपरेशन बुधवार रात करीब 11.15 बजे शुरू हुआ जब इंस्पेक्टर ओमकांत चिंचोलकर की टीम ने बलीरामपुर इलाके में जाल बिछाया। वहां पुलिस ने अभिजीत सातपुते नामक एक संदिग्ध युवक को पकड़ा, जिसके पास से तलवार और खंजर बरामद हुए। उससे कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को एक ऐसे गोदाम का पता चला, जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। यह छापेमारी वजीराबाद के गुरु रामदास नगर स्थित एक ठिकाने पर की गई थी।
हथियारों का अंबार और 43 लाख की कीमत
पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि 24 घंटे तक चली इस सघन तलाशी में 315 बड़ी तलवारें और 135 मध्यम आकार की तलवारें मिली हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में खंडा, गुप्तियां और कुकरी भी जब्त की गई हैं। बरामद हथियारों की बाजार में कुल कीमत लगभग 43.48 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, इनमें से 90 प्रतिशत हथियारों का निर्माण केवल गंभीर अपराधों और दंगों जैसी गतिविधियों के लिए किया गया था।
मुख्य आरोपी फरार, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी जसविंत सिंह सुखमणि के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं। जांच टीम अब यह सुराग लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी तादाद में हथियारों की सप्लाई कहां से हुई थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन हथियारों को महाराष्ट्र के किन जिलों या पड़ोसी राज्यों में भेजा जाना था।
अवैध सप्लाई चेन पर पुलिस का कड़ा प्रहार
नांदेड़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि धार्मिक या सजावटी कार्यों की आड़ में हथियारों का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इस बड़ी कामयाबी के बाद शहर में गश्ती बढ़ा दी गई है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय स्रोतों और वितरण केंद्रों की गहराई से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


