Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में आदमखोर तेंदुए के आतंक ने लोगों की नींद उड़ा दी है। दयोथ पंचायत के हम्बार गांव में बुधवार की रात एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। घर के बाहर टहल रहे एक शख्स पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और लाठी-डंडों के जोर पर तेंदुए को भगाया गया। लहूलुहान हालत में पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
अंधेरे का फायदा उठाकर किया ‘खूनी’ वार
घायल ओमप्रकाश बुधवार रात अपने घर के समीप मौजूद थे। तभी अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया। ओमप्रकाश की बाजू पर तेंदुए के नाखून के चार गहरे निशान हैं और पीठ पर करीब सात घाव मिले हैं। उनकी चीखें सुनकर परिजन और पड़ोसी तुरंत बाहर निकल आए। ग्रामीणों की भीड़ को अपनी ओर आता देख तेंदुआ जंगल की तरफ भाग निकला। परिजनों ने आनन-फानन में ओमप्रकाश को सिविल अस्पताल मार्कण्ड पहुंचाया, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
दहशत में हम्बार गांव, घरों में दुबके ग्रामीण
तेंदुए के इस हमले ने आसपास के दर्जनों गांवों में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब बस्तियों के इतने करीब आ चुका है कि शाम ढलते ही बाहर निकलना मौत को बुलावा देने जैसा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाया जाए और वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से उनकी जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, लेकिन विभाग की कार्रवाई सुस्त है।
वन विभाग ने जारी किया ‘अलर्ट’
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने हम्बार गांव का दौरा किया है। डीएफओ बिलासपुर राजीव कुमार ने पुष्टि की है कि तेंदुए की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। विभाग ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और घर के आसपास झाड़ियों की सफाई रखें। वन विभाग ने आश्वस्त किया है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द ही पिंजरा स्थापित किया जाएगा।


