Himachal News: हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने देश के शिक्षा जगत में एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी आईआईआरएफ रैंकिंग 2026 की ताजा रिपोर्ट में इस विश्वविद्यालय को देश भर में नौवां स्थान मिला है। यह सरकारी विश्वविद्यालयों की श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इस शानदार राष्ट्रीय रैंकिंग के साथ ही यह संस्थान अब पूरे हिमाचल प्रदेश का सबसे सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाला प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बन गया है। कुलपति प्रोफेसर एस.पी. बंसल के कुशल मार्गदर्शन में संस्थान ने यह गौरव हासिल किया है। विश्वविद्यालय लगातार शोध, नवाचार और उत्कृष्ट छात्र कल्याण योजनाओं पर काम कर रहा है।
नौ प्रमुख कड़े मानकों पर परखी गई शैक्षणिक गुणवत्ता
आईआईआरएफ की यह राष्ट्रीय रैंकिंग कुल नौ प्रमुख और बेहद कड़े मानदंडों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें मुख्य रूप से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा, बेहतर प्लेसमेंट, रोजगार क्षमता, उच्च शोध परिणाम और वार्षिक छात्र प्रोफाइल को शामिल किया जाता है। इन सभी पैमानों पर विश्वविद्यालय का प्रदर्शन बहुत उत्कृष्ट रहा है।
इसके साथ ही संस्थान के जनधारणा, संस्थागत विकास, मूल्य संवर्धन और पुराने पूर्व छात्रों के फीडबैक को भी रैंकिंग का मुख्य आधार बनाया गया है। इन सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही हिमाचल के इस सार्वजनिक विश्वविद्यालय को देश के शीर्ष अग्रणी शिक्षण संस्थानों की सूची में सम्मानजनक स्थान मिला है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन से मिली चौथी रैंक
इस राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में विश्वविद्यालय को केवल शैक्षणिक प्रतिष्ठा के विशेष क्षेत्र में देश भर में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। यह बड़ी उपलब्धि यहां की बेहतरीन शिक्षा गुणवत्ता को साफ दर्शाती है। संस्थान ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को अपने परिसर में बहुत प्रभावी ढंग से लागू किया है।
विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में अब बहुविषयक शिक्षा, अकादमिक लचीलापन, आधुनिक कौशल आधारित पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक लर्निंग और समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा को पूरी तरह समाहित किया गया है। प्रोफेसर बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में संस्थान ने कई नए और सीधे रोजगार देने वाले महत्वपूर्ण व्यावसायिक कोर्स भी शुरू किए हैं।
इन आधुनिक पाठ्यक्रमों में पांच वर्षीय एकीकृत होटल प्रबंधन कार्यक्रम, नैनोमैटेरियल्स विज्ञान में एम.टेक., रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में एमएससी शामिल हैं। इसके साथ ही छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए बी.ए.एल.एल.बी. ऑनर्स तथा बी.कॉम. एल.एल.बी. ऑनर्स जैसे बेहतरीन एकीकृत विधि कार्यक्रमों को भी सफलता से संचालित किया जा रहा है।
वैज्ञानिकों को मिले करोड़ों के प्रोजेक्ट और बयालीस पेटेंट
विश्वविद्यालय के प्रतिभावान शिक्षकों और युवा शोधकर्ताओं ने देश की प्रमुख सरकारी एजेंसियों से बीस करोड़ पच्चीस लाख रुपये से अधिक की बड़ी शोध परियोजनाएं हासिल की हैं। इनमें मुख्य रूप से इसरो, यूजीसी, शिक्षा मंत्रालय, आईसीएसएसआर, डीएसटी और डीबीटी जैसे शीर्ष राष्ट्रीय संस्थान शामिल हैं।
संस्थान के नाम अब तक कुल 42 सफल पेटेंट और विशिष्ट डिज़ाइन कॉपीराइट दर्ज हो चुके हैं। विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ संकाय सदस्य आज दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। इसके चलते केंद्रीय विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा लगातार बहुत तेजी से बढ़ रही है।
विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर शिक्षा के आदान-प्रदान के लिए दुनिया के विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों के साथ कुल 62 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी, अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात और कजाकिस्तान के बड़े विश्वविद्यालयों के साथ एक मजबूत शैक्षणिक साझेदारी भी स्थापित की है।
Reported By: Sunita Gupta


