Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल और सीनियर वकील विनय शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस कार्रवाई के बाद सोलन जिले के बहुचर्चित चेस्टर हिल्स हाउसिंग प्रोजेक्ट का विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
यह एफआईआर तब दर्ज हुई जब वकील विनय शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने इस याचिका के जरिए जमीन सौदों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। वकील ने हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के खुले उल्लंघन की बात कोर्ट के सामने रखी थी।
सोलन के तत्कालीन एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर हुआ एक्शन
वकील विनय शर्मा की यह जनहित याचिका सोलन के तत्कालीन सब-डिविजनल ऑफिसर यानी एसडीएम की जांच पर आधारित थी। एसडीएम ने हाउसिंग प्रोजेक्ट में गैर-किसान प्रमोटरों की संदिग्ध भूमिका की विस्तार से जांच की थी। इसमें जमीन के मालिकाना हक को लेकर कई गंभीर और चौंकाने वाले सवाल उठाए गए थे।
हाल ही में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की थी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को कड़े नोटिस जारी किए थे। इस अदालती आदेश के तुरंत बाद पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सभी आरोपों को बताया झूठा
पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने वकील पर मानहानि करने और झूठे आरोप लगाने की बात कही है। गुप्ता ने साफ किया कि संबंधित जमीन का सौदा ऑल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स के तहत ही किया गया था। उन्होंने पद संभालने से पहले ही इसके लिए जरूरी सरकारी मंजूरी ले ली थी।
उन्होंने आगे बताया कि यह पूरा जमीन सौदा पूरी तरह कानूनी बैंकिंग चैनलों के जरिए पूरा हुआ था। इसकी सही जानकारी सरकारी और आधिकारिक रिकॉर्ड में पहले से ही दर्ज है। इसलिए उनके खिलाफ की गई कानूनी शिकायत पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने की केस की पुष्टि
इस पूरे बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम की पुष्टि खुद शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्य सचिव गुप्ता की लिखित शिकायत के आधार पर वकील के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हो चुका है। पुलिस की विशेष जांच टीम ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
इधर अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए वकील विनय शर्मा ने सरकार को घेरा है। उन्होंने इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई को “अंधेर नगरी, चौपट राजा” करार दिया है। इस मुहावरे का इस्तेमाल अक्सर प्रशासनिक मनमानी और कानूनी व्यवस्था के पूरी तरह बिगड़ने पर किया जाता है।
भले ही पुलिस ने पूर्व मुख्य सचिव की शिकायत पर वकील के खिलाफ अपनी जांच शुरू कर दी हो। लेकिन चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट और जमीन सौदों से जुड़े मुख्य मुद्दे अभी भी हाईकोर्ट के विचाराधीन हैं। अब अदालत की कार्यवाही और पुलिसिया जांच दोनों एक साथ आगे बढ़ रही हैं।
Author: Harikarishan Sharma


