Delhi News: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इस समय आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग अपने काम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और साल 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है।
इन तैयारियों के बीच अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग को अपने अहम सुझाव देने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कई बड़े और हैरान करने वाले वित्तीय प्रस्ताव सामने रखे हैं।
त्योहार और प्राकृतिक आपदा के लिए एडवांस पे
जेसीएम स्टाफ साइड ने अपने ज्ञापन में कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए नए तरह के एडवांस शामिल करने की मांग की है। संगठन का प्रस्ताव है कि किसी भी बड़े त्योहार के मौके पर कर्मचारियों को एडवांस के तौर पर एक पूरे महीने की बेसिक सैलरी दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही देश में बढ़ती बाढ़, चक्रवात और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए एक और बड़ी मांग की गई है। इसके तहत आपदा से पीड़ित कर्मचारियों को बिना ब्याज के एक महीने की बेसिक सैलरी का एडवांस मिलना चाहिए, जिसकी वसूली 24 आसान किस्तों में की जा सके।
कार खरीदना अब लग्जरी नहीं, ₹10 लाख का मिले लोन
कर्मचारी संगठन ने आयोग के सामने फोर-व्हीलर यानी कार खरीदने के लिए अधिकतम ₹10 लाख रुपये का एडवांस देने की पुरजोर सिफारिश की है। संगठन का तर्क है कि आज के दौर में कार कोई विलासिता (लग्जरी) की वस्तु नहीं रह गई है, बल्कि परिवार की सुरक्षा के लिए एक जरूरी साधन बन चुकी है।
जेसीएम ने अपनी मांग में विशेष रूप से जोड़ा है कि कार खरीदने के लिए दिया जाने वाला यह पूरा लोन पूरी तरह से बिना ब्याज (इंटरेस्ट फ्री) का होना चाहिए। गौरतलब है कि पहले सरकारी कर्मचारियों को ऐसे कई एडवांस मिलते थे, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया था।
Author: Gaurav Malhotra


