New Delhi News: देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड-2026 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। आईआईटी रुड़की और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के डेटा में सेंध लगाने के दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है।
संस्थान ने प्राइवेसी के उल्लंघन के सभी आरोपों को गलत बताते हुए साफ कहा है कि छात्रों से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी से कोई समझौता नहीं किया गया है। परीक्षा के नतीजे, छात्रों के अंक और उम्मीदवारों की अन्य सभी जरूरी जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित और सही-सलामत हैं।
तकनीकी बदलाव के कारण हुई थी थोड़ी सी चूक
आईआईटी रुड़की ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से शुक्रवार को अपना आधिकारिक पक्ष जनता के सामने रखा। संस्थान ने बताया कि गत दो जून दो हजार छब्बीस को जेईई एडवांस्ड के कुछ उम्मीदवारों की मदद के लिए सिस्टम में तेजी से कुछ जरूरी तकनीकी बदलाव किए गए थे।
यह बदलाव उन छात्रों के लिए किए गए थे, जिन्हें अपना एडमिट कार्ड डेटा देखने में भारी दिक्कत हो रही थी ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। इन बदलावों के कारण ही क्लाउड स्टोरेज के एक छोटे से हिस्से में थोड़ी देर के लिए गलत कॉन्फ़िगरेशन हो गया था।
साइबर शोधकर्ता ने पकड़ी थी सिस्टम की खामी
एक साइबर शोधकर्ता राइलेन अनिल ने इस गलत कॉन्फ़िगरेशन की पहचान की थी और संस्थान को बताया था कि वे इस संबंधित डेटाबेस तक पहुंच सकते हैं। इस गंभीर समस्या की जानकारी मिलते ही इसे तुरंत पूरी तरह ठीक कर दिया गया और डेटा तक बाहरी पहुंच को सीमित किया गया।
संस्थान के अनुसार प्रभावित क्लाउड स्टोरेज पूरी तरह से ‘रीड-ओनली’ यानी सिर्फ देखने लायक था। इसका सीधा मतलब यह है कि बाहरी तौर पर किसी भी डेटा को एडिट या डिलीट करना नामुमकिन था। क्लाउड एक्सेस लॉग्स के विश्लेषण से साफ हुआ कि कोई बल्क डाउनलोड नहीं हुआ है।
सुरक्षित दाखिला प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
संस्थान का कहना है कि इस तकनीकी घटना का परीक्षा के मुख्य नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है, जिसमें उम्मीदवारों के अंक, रैंक और श्रेणी शामिल हैं। आईआईटी रुड़की जेईई एडवांस्ड और जोसा काउंसलिंग प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
जेईई एडवांस्ड टीम सभी आईआईटी और आईआईएससी में सुचारू और सुरक्षित दाखिला प्रक्रिया के जरिए हर उम्मीदवार की मदद करने के लिए तत्पर है। तकनीकी खामी को तत्काल दुरुस्त करने के बाद आईआईटी प्रबंधन ने समय रहते सचेत करने के लिए साइबर शोधकर्ता का धन्यवाद भी ज्ञापित किया था।
Author: Shilla Bhatia


