पीओके में पुलिसिया जुल्म और हिंसा पर भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर घेरा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की बड़ी मांग

Delhi News: भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में चल रही भारी अशांति और पुलिस की बर्बरता पर कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है। इस विवादित क्षेत्र में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है।

झूठे वीडियो और फेक न्यूज फैला रहा है पड़ोसी देश पाकिस्तान

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान सरकार की पोल खोली है। उन्होंने पड़ोसी देश पर सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों के माध्यम से फर्जी खबरें और मनगढ़ंत वीडियो प्रसारित करने का एक विशेष पैटर्न चलाने का सीधा आरोप लगाया है।

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है। वह इस कब्जे वाले क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से पूरी दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। इस हताश प्रयास के तहत वहां की जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के कुकर्मों पर तय करे उसकी जवाबदेही

विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि पीओके में पुलिस की क्रूरता चरम पर है। पुलिसिया कार्रवाई में कई निर्दोष प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वैश्विक शक्तियों को इस्लामाबाद को उसके इन गलत कामों के लिए तुरंत जवाबदेह ठहराना चाहिए।

सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच हिंसक झड़पों के बाद पूरे पीओके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार रात रावलकोट इलाके में भीषण हिंसा हुई थी। इस दौरान हुई जवाबी गोलीबारी में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई थी।

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी कार्यकर्ताओं ने उठाए सरकार पर सवाल

रावलकोट की इस हिंसक घटना में 70 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पाकिस्तानी पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, मरने वालों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओमान जहाज हादसे की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि ओमान के तट पर हुए हमले के बाद फंसे जहाज ‘मारिवैक्स’ पर मौजूद सभी 24 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत ने ओमान सरकार का आभार जताया है।

नेपाल सीमा विवाद और अफगानिस्तान संकट पर भारत ने रुख किया साफ

लिपुलेख-लिंपियाधुरा सीमा मुद्दे पर नेपाल की हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में भी स्थिति स्पष्ट की गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस रणनीतिक क्षेत्र पर भारत का रुख पहले की तरह पूरी तरह स्पष्ट और अपरिवर्तित है। भारत अपने पुराने भौगोलिक और ऐतिहासिक दावों पर कायम है।

इसके अलावा, अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। भारत मानवीय सहायता और विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से अफगान जनता की लगातार मदद कर रहा है। हमारा विकास सहयोग वहां के सभी जरूरतमंद नागरिकों को मजबूत समर्थन दे रहा है।

भारत और बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बलों के बीच महानिदेशक स्तर की बैठक

भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी नई जानकारी दी गई है। सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी बीजीबी के बीच महानिदेशक स्तर की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर चर्चा हो रही है।

इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर होने वाली अवैध गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना है। दोनों मित्र देश आपसी समन्वय से सीमा से जुड़े प्रासंगिक मुद्दों को सुलझा रहे हैं। भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और सुरक्षित संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

Author: Harikarishan Sharma

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