Maharajganj News: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में बिजली व्यवस्था को सुधारने और लाइन लॉस को कम करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग बुलाई गई।
इस हाई-लेवल बैठक में जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतम लाइन लॉस की फीडरवार पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि बिजली की बर्बादी और चोरी को रोकने के लिए तुरंत बड़े कदम उठाए जाएं।
लापरवाह अधिकारियों को 15 दिनों में सुधार करने की चेतावनी
डीएम सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लाइन लॉस के मुख्य कारणों को चिन्हित करें। इसके साथ ही अगले 15 दिनों के भीतर पूरी एक्शन रिपोर्ट सबमिट करें। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी ने जूनियर इंजीनियर (जेई), असिस्टेंट इंजीनियर (एई), एसडीओ और अधिशासी अभियंताओं को सचेत किया कि जून महीने की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर खराब काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मीटर रीडिंग और गलत बिलिंग की समस्या का होगा समाधान
बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि जिन इलाकों में सबसे ज्यादा लाइन लॉस हो रहा है, वहां तुरंत चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्रवर्तन टीम भेजकर सीधे कानूनी कार्रवाई (एन्फोर्समेंट एक्शन) सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही अगर उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग, खराब मीटर रीडिंग या अन्य कोई टेक्निकल समस्या आ रही है, तो उसका भी तुरंत समाधान कराया जाए। उन्होंने बिजली विभाग के इंजीनियर्स को उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने सरकार के आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर पेंडिंग पड़ी बिजली विभाग की सभी शिकायतों को जल्द से जल्द हल करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को बिजली से जुड़ी दिक्कतों के लिए परेशान न होना पड़े, यह विभाग की जिम्मेदारी है।
डीएम ने फील्ड में तैनात सभी कर्मचारियों को फीडरवार बिजली उपभोक्ताओं की एकदम सटीक जियो-टैगिंग (Geo-tagging) कराने का भी टास्क दिया है। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में चीफ इंजीनियर समेत जिले के तमाम आला अधिकारी और बिजली विभाग के अभियंता मौजूद रहे।

