Kaushambi News: प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला धाम में पांच दिवसीय ऐतिहासिक आषाढ़ मेले का भव्य शुभारंभ आज यानी पांच जुलाई से हो रहा है। प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए विशेष गार्द और हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इस मेले में कौशांबी के अलावा फतेहपुर, चित्रकूट, रायबरेली, सुल्तानपुर और वाराणसी जैसे कई जिलों से लाखों भक्तों का रेला उमड़ता है। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मेला क्षेत्र में बारह विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा आग और पानी से होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं।
सुरक्षा के लिए तैनात की गई भारी पुलिस फोर्स
मेला क्षेत्र की कमान छह अनुभवी पुलिस इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है, जिनमें एक महिला निरीक्षक भी शामिल हैं। इसके साथ ही बयालीस पुरुष उपनिरीक्षक और चार महिला सब-इंस्पेक्टर की तैनाती हुई है। भीड़ नियंत्रण के लिए एक सौ बानवे पुरुष आरक्षी और छियासठ महिला सिपाही दिन-रात अपनी सेवाएं देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीएसी की दो विशेष प्लाटून भी तैनात की गई हैं। मां शीतला के दर्शन से पहले श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। इसके लिए कालेश्वर घाट से कुबरी घाट तक डेढ़ सेक्शन पीएसी की फ्लड टीम और स्थानीय गोताखोरों को तैनात किया गया है।
मेला क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
प्रशासन ने गंगा नदी के गहरे पानी वाले हिस्सों में मजबूत बैरीकेडिंग की है ताकि कोई हादसा न हो। वाहनों की सुचारू पार्किंग के लिए बाइक, कार, ऑटो और बसों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। सुरक्षा कारणों से मेला क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राली और भारी लोडर वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मालवाहक वाहनों से यात्रा करने से बचें। अपनी सुरक्षा के लिए निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करें और गहरे पानी की तरफ बिल्कुल न जाएं। प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक हाईटेक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।

