हिमाचल प्रदेश में मानसून सत्र से पहले सुक्खू कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी, बदले जाएंगे मंत्रियों के विभाग

Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले राज्य सरकार कैबिनेट में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सुक्खू मंत्रिमंडल से शिमला संसदीय क्षेत्र के एक मंत्री की छुट्टी हो सकती है। इस फैसले के बाद कैबिनेट में एक साथ दो नए चेहरे शामिल किए जाएंगे।

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धर्मशाला की बैठक में तय होगा नए मंत्रियों का नाम

कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में भी भारी फेरबदल की संभावना है। धर्मशाला में होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (राजनीतिक मामलों) की बैठक में इस एजेंडे पर विस्तार से चर्चा होगी। इस बैठक में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता आपसी सहमति से अंतिम फैसला लेंगे।

मंत्रिमंडल की रेस में तीन विधायकों के नाम सबसे आगे

सुक्खू कैबिनेट की इस दौड़ में कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर का नाम आगे है। उनके साथ ज्वालाजी के संजय रत्न और पालमपुर के आशीष बुटेल भी शामिल हैं। सरकार क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के अलावा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी।

क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए शिमला पर फोकस

शिमला संसदीय क्षेत्र से किसी एक मंत्री को हटाने की चर्चा सबसे ज्यादा है। वर्तमान में इस क्षेत्र से पांच नेता कैबिनेट में शामिल हैं। वहीं कुल्लू और मंडी संसदीय क्षेत्र को अब तक पूरा प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। इस बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी भरा जाएगा।

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मंडी और चंबा जैसे जिलों को कैबिनेट में जगह नहीं

वर्तमान में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत मंत्रिमंडल में कुल 11 सदस्य शामिल हैं। इनमें शिमला जिले से तीन और हमीरपुर से स्वयं मुख्यमंत्री आते हैं। कांगड़ा से दो, जबकि मंडी, लाहुल स्पीति, चंबा और कुल्लू से अभी तक कोई भी विधायक मंत्री नहीं बन पाया है।

हाईकमान लेगा अंतिम फैसला और धर्मशाला में होगी बड़ी बैठक

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने बताया कि धर्मशाला की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल भी भाग लेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंत्रिमंडल में एक पद खाली है। इसे जल्द ही भरा जाएगा और अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

इस बड़े राजनीतिक बदलाव से राज्य के कई जिलों में सत्ता का संतुलन सुधरेगा। चुनावों से पहले पार्टी कैडर को सक्रिय करने के लिए यह फेरबदल बेहद जरूरी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में शिमला से लेकर धर्मशाला तक राजनीतिक हलचल तेज रहेगी।

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