अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश की संपत्ति की जांच तेज, रिश्तेदारों के बैंक खातों पर भी पुलिस की नजर

Pratapgarh News: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की संपत्ति की अब गहनता से जांच की जा रही है। महेशगंज थाने के बाबूपुर नरियावां निवासी अविनाश ने पिछले दो वर्षों में कहां-कहां निवेश किया और क्या-क्या संपत्ति खरीदी, इसकी कड़ियां प्रतापगढ़ तक जोड़ी जा रही हैं। अयोध्या पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजरें आरोपी के हर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर टिकी हैं।

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पुलिस जांच का दायरा अब आरोपी के रिश्तेदारों तक भी पहुंच गया है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि इस अवधि के दौरान अविनाश के रिश्तेदारों के बैंक खातों में कोई बड़ी रकम जमा या निकाली तो नहीं गई। अयोध्या पुलिस और एसआईटी की टीमें अविनाश के अयोध्या स्थित ठिकानों के साथ-साथ उसके पैतृक गांव पर भी लगातार नजर रख रही हैं। इस बीच, पुलिस को अविनाश के एक रिश्तेदार के आपराधिक इतिहास का भी पता चला है, जिसकी नए सिरे से जांच की जाएगी।

अविनाश के आपराधिक रिश्तेदारों और यक्ष एप से मिलेगी बड़ी मदद

स्थानीय पुलिस ने यक्ष एप पर अविनाश और उसके परिवार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दर्ज कर ली है। इस डिजिटल डेटाबेस से अयोध्या पुलिस और एसआईटी को जांच आगे बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी। वे सीधे इस एप के जरिए जरूरी इनपुट्स हासिल कर सकेंगे। इस बात की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है कि एसआईटी आरोपी अविनाश को फिर से रिमांड पर लेकर उसके पैतृक गांव आ सकती है, ताकि और सबूत जुटाए जा सकें।

पुलिस पहले ही अयोध्या में अविनाश के किराए के कमरे और अन्य ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और अन्य सामान बरामद कर चुकी है। अब पुलिस की नजर उसके घर-परिवार की संपत्तियों पर है। संदेह है कि अविनाश ने प्रतापगढ़ में अपने गांव के अलावा अन्य स्थानों पर भी प्लॉट या जमीनें खरीदी हैं। इस आशंका के चलते पुलिस टीम अब रजिस्ट्री कार्यालयों में भी दस्तक दे सकती है ताकि बेनामी संपत्तियों का पता लगाया जा सके।

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विदेशी ब्रांडेड कपड़े, महंगी कार और आलीशान जिंदगी बनी जांच का विषय

पुलिस पूछताछ और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले एक साल से अविनाश का रहन-सहन पूरी तरह बदल गया था। वह बेहद आलीशान जिंदगी जी रहा था। ब्रांडेड जूते, महंगे कपड़े और कीमती मोबाइल फोन उसकी नई पहचान बन गए थे। मोटरसाइकिल के बाद अचानक उसके पास एक नई कार आ गई, जो इलाके में चर्चा का विषय बन गई थी। चढ़ावा चोरी में नाम आने के बाद इस अचानक आई अमीरी का राज खुला।

आरोपी ने नई कार आने के बाद अपनी पुरानी बाइक को पुराने घर में खड़ा कर दिया था। अयोध्या पुलिस इस कार को पहले ही बरामद कर चुकी है। हालांकि, प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनंदन राय का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की जांच से स्थानीय पुलिस का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अयोध्या पुलिस या एसआईटी कोई जानकारी या सहयोग मांगती है, तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।

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