New Delhi News: मोदी सरकार में जल्द ही बड़ा कैबिनेट फेरबदल होने की पूरी संभावना है। इस अहम बदलाव में एनडीए को अपना सपोर्ट देने वाले अन्य पार्टियों के बागी नेताओं को मौका मिल सकता है। आम आदमी पार्टी, टीएमसी और शिवसेना के कई नेताओं ने एनडीए को सपोर्ट दिया है।
इन विपक्षी पार्टियों से आए नेताओं के सपोर्ट से संसद में एनडीए का नंबरगेम काफी ज्यादा मजबूत हो गया है। राज्यसभा में भी इसका सीधा फायदा रूलिंग पार्टी को मिला है। बहुमत का यह नंबर अहम साबित हो रहा है। इसलिए बागी नेताओं की कैबिनेट में एंट्री तय मानी जा रही है।
आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और हरभजन सिंह समेत सात नेताओं ने बीजेपी जॉइन करने का अहम फैसला किया था। इससे राज्यसभा में सत्ताधारी दल के कुल सदस्यों की संख्या अब 114 तक पहुंच गई है। हालिया राज्यसभा इलेक्शन में भी सत्ताधारी पार्टी को काफी बड़ा सियासी फायदा मिला है।
टीएमसी के जिन चार नेताओं ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था, उनकी सीटों पर भी बीजेपी आसानी से जीत हासिल कर सकती है। उच्च सदन में बिल पास कराने के लिए जरूरी मेजॉरिटी का आंकड़ा हासिल करना काफी आसान हो जाएगा। यह बीजेपी के लिए एक अतिरिक्त बोनस की तरह है।
विपक्षी दलों की बगावत से लोकसभा में मजबूत हुआ एनडीए
पश्चिम बंगाल इलेक्शन के बाद टीएमसी के अंदर काफी मतभेद देखने को मिले। इसके बाद काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंदोपाध्याय जैसे सीनियर नेताओं सहित कुल बीस नेताओं ने बगावत कर दी। इन बागी नेताओं ने एक नई नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया बनाकर एनडीए को अपना फुल सपोर्ट दिया है।
शिवसेना के नौ में से छह लोकसभा सदस्यों ने भी अलग रास्ता चुन लिया है। इन सभी नेताओं ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की लीडरशिप वाली शिवसेना को सपोर्ट दे दिया है। शिंदे गुट पहले से ही सेंट्रल गवर्नमेंट में एनडीए गठबंधन का एक अहम और मजबूत हिस्सा है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मॉनसून सेशन शुरू होने से पहले इन दोनों पार्टियों के बागी गुटों पर अपना फाइनल फैसला सुना सकते हैं। इसके बाद ही स्थिति पूरी तरह से क्लियर हो पाएगी कि संसद के अंदर इन नए सपोर्टर्स की असल लीगल स्थिति क्या रहने वाली है। यह काफी अहम है।
कैबिनेट फेरबदल की लिस्ट में नए चेहरों को मिलेगा मौका
यह अभी क्लियर नहीं है कि कैबिनेट में यह बदलाव आखिर कब तक होगा। लेकिन पॉलिटिकल गलियारों में चर्चा है कि आप के राघव चड्ढा और अशोक मित्तल को मौका मिल सकता है। वहीं, शिवसेना से संजय दीना पाटिल और टीएमसी से सुदीप बंदोपाध्याय के नाम भी कैबिनेट की रेस में शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई प्रमुख मंत्रालयों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इनमें रेलवे, फाइनेंस, कॉर्पोरेट अफेयर्स, कोयला और इनफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग जैसे भारी भरकम मंत्रालय शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रूरल डेवलपमेंट और पर्यावरण विभाग में भी कुछ नए मंत्रियों को बहुत अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने पार्टी के नए पदाधिकारियों की लिस्ट को फाइनल कर लिया है। सेंट्रल कैबिनेट में यह अहम बदलाव बीजेपी अध्यक्ष की नई टीम की घोषणा के साथ ही किया जाएगा। नितिन नवीन की टीम का ऐलान बहुत ही जल्द होने की उम्मीद है। दोनों जगह एक साथ फैसले लिए जाएंगे।

