Dehradun News: उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने राज्य में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतिम चरण में अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नामों की बूथ स्तर पर दोबारा गहन समीक्षा की जाएगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान आगामी आठ जुलाई को होगा समाप्त
प्रदेश में चल रहा यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान आगामी आठ जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। इसके अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर वोटर्स का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे लोगों की एक अलग डेटा लिस्ट तैयार हो रही है, जो अपने पते पर मौजूद नहीं हैं।
निर्वाचन विभाग ने वोटर लिस्ट सुधार के तहत फॉर्म वितरण का काम लगभग पूरा कर लिया है। इसके साथ ही डेटा के डिजिटलाइजेशन का कार्य भी नब्बे प्रतिशत से अधिक हो चुका है। अब अभियान में सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा है, इसलिए प्रशासन जांच प्रक्रिया को और तेज कर रहा है।
वोटर लिस्ट को पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एएसडी सूची में शामिल प्रत्येक नाम का दोबारा बूथवार परीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वैध वोटर का नाम गलती से लिस्ट से न हटे। इससे फर्जी और दोहरे नामों को हटाने में मदद मिलेगी।
इस री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सरकारी अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के जिम्मेदार नागरिकों से आवश्यक फीडबैक लेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ये दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे।

