Maharashtra News: महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टेट (TET) को पेपर लीक की आशंका के चलते अचानक स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने परीक्षा की विश्वसनीयता कायम रखने के लिए सख्त कार्रवाई का वादा किया है।
शिक्षा मंत्री दादा भुसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पूरी घटना की गहन जांच के आदेश जारी किए हैं। ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले की देखरेख में गठित टीम अब इस पूरे संगठित रैकेट को बेनकाब करने में जुट गई है, ताकि मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
चार राज्यों तक फैली है जांच की कड़ियां
पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र की सीमाओं से बाहर चार अन्य राज्यों तक पहुंच गई है। विशेष जांच दल की चार टीमें पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली और हरियाणा भेजी गई हैं। पुलिस को शुरुआती जांच में मिले संकेत बताते हैं कि यह कोई छोटा स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैला एक संगठित नेटवर्क हो सकता है।
ठाणे पुलिस को इस रैकेट की भनक गुरुवार देर शाम को ही मिल गई थी। अधिकारियों ने जल्दबाजी में कदम उठाने के बजाय आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति अपनाई। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य इस गिरोह से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचना और मामले से जुड़े पक्के सबूत जुटाना था, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले।
पुलिस ने ग्राहक बनकर रंगे हाथ दबोचा
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। पुलिसकर्मियों ने संभावित खरीदार बनकर पेपर खरीदने की पेशकश की। दो दिनों की निगरानी के बाद, जैसे ही आरोपी पेपर बेचने के लिए तय जगह पर पहुंचे, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और तीन लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी उच्च शिक्षित और ग्रेजुएट हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी राजीव बीएससी, आकाश बीकॉम और धीरज बीए पास हैं। धीरज पूर्व में शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये आरोपी लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने का काम कर रहे थे।

