Uttarakhand News: राज्य में शहरों और कस्बों को भीषण ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक बड़ी योजना तैयार की है। विभाग ने सात प्रमुख शहरों में टनल बाईपास बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत घनी आबादी वाले बाजारों से पहले ही सुरंगें निकाली जाएंगी, ताकि वाहन सीधे निकल सकें।
चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ते यातायात और सड़कों की तंग बनावट के कारण अक्सर जाम की समस्या रहती है। इस मुश्किल को हल करने के लिए विभाग अब सुरंगों को ही मुख्य विकल्प मान रहा है। कुछ परियोजनाओं के लिए जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है।
टनल बाईपास परियोजनाओं का सफल प्रयोग
राज्य में पहले भी सुरंगों के जरिए जाम कम करने का प्रयोग सफल रहा है। चंबा में बनी सुरंग ने वहां की भीड़ को काफी हद तक नियंत्रित किया है। वहीं, देहरादून में डाटकाली सुरंग से आवागमन सुगम हुआ है। इसके अतिरिक्त, यमुनोत्री मार्ग पर सिलक्यारा सुरंग का निर्माण भी अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
विभाग के मुखिया राजेश शर्मा ने बताया कि बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए ही टनल प्रोजेक्ट्स पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्राथमिकता के तौर पर कुछ चुनिंदा शहरों में ये सुरंगें बनाई जाएंगी, जबकि अन्य स्थानों के लिए संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और जाम कम होगा।
इन शहरों को मिलेगी जाम से राहत
टनल बाईपास के लिए चयनित शहरों में पौड़ी, श्रीनगर, चमोली, लोहाघाट और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इसके साथ ही गुप्तकाशी के लिए सोनप्रयाग से कालीमठ और बदरीनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग से चौमासी तक सुरंग बनाने की योजना है। ये दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा को और भी अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बना देंगे।
दूसरी ओर, मसूरी में जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने कोल्हूखेत समेत दो प्रवेश बैरियरों पर फास्टैग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। डिजिटल वसूली और लेन सुधार से ईको टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, स्थानीय निवासियों को टैक्स में जरूरी रियायत देने पर भी प्रशासन ने अपनी सहमति जता दी है।

