Kangra News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के सुदूर बड़ा भंगाल क्षेत्र का दो दिवसीय दौरा किया है। इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस अत्यंत कठिन क्षेत्र में रात्रि ठहराव किया है। इस ऐतिहासिक कदम से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यहां पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को ध्यान से सुना। इसके बाद उन्होंने बड़ा भंगाल तक पक्की सड़क के निर्माण कार्य को गति देने के कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए।
सड़क निर्माण और बिजली आपूर्ति के लिए बड़े वित्तीय एलान
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी राहत दी है। उन्होंने क्षेत्र में नई सड़क के निर्माण के लिए दस करोड़ रुपये जारी करने की तुरंत घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने हर किलोमीटर के लिए अलग निविदाएं आमंत्रित कर कार्य तेज करने को कहा है।
क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग अब गांव में उपयुक्त क्षमता के दो नए डीजल जनरेटर स्थापित करेगा। जब तक स्थायी विद्युत ग्रिड तैयार नहीं हो जाता, तब तक यह वैकल्पिक व्यवस्था चालू रहेगी।
स्थानीय राजमाह की विशेष ब्रांडिंग और कृषि को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने आर्थिक उन्नति के लिए बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की विशेष ब्रांडिंग करने के आदेश दिए। इससे स्थानीय किसानों को अपनी फसल का बेहतर बाजार मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अखरोट और चेस्टनट जैसी नकदी फसलों के पौधे लगाने की अपील की।
दूरसंचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार निजी मोबाइल नेटवर्क प्रदाताओं से तुरंत बातचीत करेगी। मुख्यमंत्री ने वन भूमि को चिन्हित कर साहसिक पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने की बात कही। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विद्यार्थियों के लिए मुफ्त हेली-टैक्सी और विशेष योजनाएं
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए विद्यार्थियों हेतु विशेष वित्तीय प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और अंत में बच्चों को मुफ्त हेली-टैक्सी सेवा मिलेगी। सरकार बच्चों को उत्कृष्ट सीबीएसई स्कूलों में दाखिला दिलाने की व्यवस्था भी करेगी।
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए स्थानीय युवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पात्र महिलाओं के लिए पंद्रह सौ रुपये मासिक पेंशन की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री खुद पारंपरिक चोला-डोरा वेशभूषा पहनकर लोकनृत्य में शामिल हुए।

