UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद खौफनाक और अमानवीय वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी ही बहू को घर के दरवाजे पर बुरी तरह घसीटकर पीटता नजर आ रहा है। पीड़िता चीखते हुए घर के अंदर भागने की कोशिश करती है। यह शर्मनाक घटना कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र की है। हैवानियत का यह वीडियो देखकर हर किसी का खून खौल रहा है। पुलिस कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क पर बहू के साथ ससुर की क्रूरता
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित आनंद नगर में यह शर्मनाक घटना घटी है। आरोपी ससुर का नाम सुशील दुबे बताया जा रहा है। सुशील अपनी बहू मीनाक्षी पांडेय को सरेआम बुरी तरह पीट रहा है। मारपीट के दौरान पीड़ित महिला के कपड़े फट जाते हैं। महिला खुद को बचाने के लिए रोती और गिड़गिड़ाती रहती है। पास खड़े लोग बीच-बचाव का प्रयास करते हैं। वहीं कुछ लोग इस खौफनाक घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लेते हैं।
पड़ोसियों का दावा और विवाद का कारण
मीनाक्षी पांडेय मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मीनाक्षी का विवाह साल 2020 में सुशील दुबे के बेटे हिमांशु के साथ हुआ था। मारपीट का मुख्य कारण घरेलू हिंसा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में पड़ोस की कुछ महिलाएं हैरान करने वाला दावा करती सुनाई देती हैं। महिलाओं का कहना है कि आरोपी ससुर दूसरी शादी करना चाहता है। इसी वजह से वह अपनी बहू को बेरहमी से पीटकर घर से बाहर निकालने की साजिश रच रहा है।
बंधक बनाने और हत्या की साजिश का आरोप
इस खौफनाक घटना के बाद पीड़िता का एक और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। दूसरे वीडियो में मीनाक्षी एक बंद कमरे के अंदर नजर आती हैं। वीडियो में वह खुद को बंधक बनाए जाने का गंभीर आरोप लगा रही हैं। पीड़िता अपने हाथों के गहरे जख्म दिखाते हुए लोगों से जान बचाने की गुहार लगा रही है। मीनाक्षी का साफ कहना है कि उसके ससुराल वाले उसकी निर्मम हत्या करने की एक बहुत बड़ी साजिश रच रहे हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
कानपुर में सरेआम हुई इस जघन्य घटना के बाद चकेरी पुलिस सवालों के घेरे में है। आरोप है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही बरत रही है। स्थानीय लोगों में पुलिस के रवैये को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

