Himachal News: हिमाचल प्रदेश में रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2026-27 के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद ने सफलता का नया रिकॉर्ड कायम किया है। राज्य सरकार ने इस साल कुल बत्तीस सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया था। इसके मुकाबले विभिन्न खरीद केंद्रों के माध्यम से 4567.50 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जो तय लक्ष्य का 143 प्रतिशत है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों को मिला करोड़ों का भुगतान
प्रदेश सरकार ने इस बार किसानों से गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की है। इस विशेष खरीद अभियान से राज्य के 1030 किसानों को सीधा लाभ पहुंचा है। सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत किसानों के बैंक खातों में कुल 11.80 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान समय पर सुनिश्चित किया है।
सिरमौर और सोलन जिले ने खरीद में दर्ज की बंपर बढ़त
जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, कांगड़ा जिले में 1850 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 1515.65 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। वहीं सिरमौर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1977.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। सिरमौर के पांवटा साहिब और धौलाकुआं खरीद केंद्रों पर किसानों ने बढ़-चढ़कर अपना अनाज बेचा।
नालागढ़, बद्दी और ऊना के केंद्रों पर भी उमड़े किसान
सोलन जिले में भी महज 150 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 603.80 मीट्रिक टन रिकॉर्ड खरीद दर्ज की गई, जो चार सौ तीन प्रतिशत रही। यहां नालागढ़ और बद्दी औद्योगिक शैड केंद्रों पर व्यापक प्रबंध किए गए थे। उधर, ऊना जिले में भी दो सौ मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 470.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर 235 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई।

