Mumbai News: घरेलू फॉरेक्स मार्केट में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसे गिरकर 94.48 के स्तर पर आ गया। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार विदेशी बाजार में अमेरिकी करेंसी के मजबूत होने से रुपए पर दबाव देखा गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी कर्ज और डिपॉजिट का लगातार आना घरेलू करेंसी को एक तरफ खींच रहा है। दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और मजबूत होता डॉलर इंडेक्स इसे दूसरी तरफ धकेल रहा है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपए की कमजोरी और अहम सपोर्ट लेवल
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में सोमवार को रुपया 94.42 पर ओपन हुआ, जो पिछले क्लोजिंग भाव से 9 पैसे कम था। शुरुआती कारोबार में यह अमेरिकी करेंसी के सामने 94.24 के लेवल तक भी पहुंचा। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 7 पैसे की बढ़त के साथ 94.33 पर बंद हुआ था।
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी के अनुसार तकनीकी रूप से 94.00-94.20 का दायरा रुपए के लिए एक बेहद अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इसके विपरीत 94.80-95.00 का स्तर रुपए के लिए तुरंत एक कड़ा रेजिस्टेंस बैंड साबित हो रहा है।
मार्केट में विदेशी कर्ज के फ्लो में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी काफी हद तक स्टेबल बनी हुई हैं। इन पॉजिटिव फैक्टर्स के चलते आगे रुपए के मजबूत होने की संभावना है, जिससे USD/INR रेट 94.00-93.80 के दायरे में आ सकता है।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता विवाद
ग्लोबल लेवल पर स्विट्जरलैंड में ईरान युद्ध को लेकर चल रही उच्च-स्तरीय बातचीत सोमवार को समाप्त हो गई। अब हफ्ते के बाकी दिनों में निचले स्तर की डिप्लोमैटिक बातचीत जारी रहेगी। ईरान और अमेरिका लेबनान में जारी लड़ाई से निपटने के लिए एक खास “डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल” बनाने पर राजी हुए हैं।
इस बातचीत से 60 दिनों की एक अहम डिप्लोमैटिक प्रोसेस शुरू हुई है, जिसका अंतिम मकसद ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए एक परमानेंट एग्रीमेंट तक पहुंचना है। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने वीकेंड पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था।
फारस की खाड़ी का यह संकरा मुहाना ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए बहुत ही क्रिटिकल माना जाता है। हालांकि अमेरिका ने ईरान के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वहां से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही और ट्रेड रूट पर कोई असर नहीं पड़ा।
डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में बंपर तेजी
दुनिया की छह प्रमुख करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.02 परसेंट बढ़कर 100.87 पर ट्रेड कर रहा था। डॉलर में यह मजबूती अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और कमजोर ट्रेड डील के माहौल की वजह से देखी जा रही है।
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ट्रेड में 1.28 परसेंट की गिरावट के साथ 79.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि अमेरिका-ईरान बातचीत आगे बढ़ने से तेल की कीमतें 79 डॉलर के करीब पहुंची हैं।
दूसरी ओर घरेलू इक्विटी मार्केट में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 407.12 अंक उछलकर 77,210.02 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 114.75 अंक की बढ़त के साथ 24,129.95 पर ट्रेड कर रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 4,859.07 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

