New Delhi News: दुनिया के सबसे पॉपुलर इंस्टैंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग ऐप्स में शामिल टेलीग्राम इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा में बना हुआ है। आज के समय में जहां दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में हजारों एंप्लॉयीज काम करते हैं, वहीं टेलीग्राम एक बेहद यूनिक और अलग बिजनेस मॉडल पर काम कर रहा है।
हैरानी की बात यह है कि 1 अरब से ज्यादा एक्टिव यूजर्स वाले इस प्लेटफॉर्म को संभालने के लिए कंपनी की कोर टीम बहुत ही छोटी है। टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव कई बार बता चुके हैं कि उनकी कंपनी पारंपरिक तरीके से बड़े एचआर विभाग और हैवी मैनेजमेंट टीम के साथ बिल्कुल काम नहीं करती है।
सिर्फ 30 लोगों की टीम संभाल रही अरबों का पूरा डिजिटल एम्पायर
मार्च 2025 में टेलीग्राम ने ऑफिशियल तौर पर 1 अरब एक्टिव यूजर्स का बड़ा आंकड़ा पार करने की जानकारी शेयर की थी। आज के समय में कंपनी की टोटल वैल्यूएशन करीब 30 अरब डॉलर आंकी जाती है। इसके बावजूद कंपनी की मुख्य टीम में केवल 30 के आसपास टॉप प्रोफेशनल्स ही शामिल हैं।
टेलीग्राम का काम करने का स्टाइल बाकी टेक कंपनियों से बिल्कुल जुदा है। कंपनी बड़े ऑफिस और कई लेयर्स वाली मैनेजमेंट व्यवस्था के बजाय एडवांस ऑटोमेशन, रिमोट वर्क और स्मार्ट इंजीनियरिंग पर पूरा भरोसा करती है। छोटी टीम होने की वजह से कंपनी में बड़े फैसले बहुत तेजी से लिए जाते हैं।
इस कंपनी में एंप्लॉयीज की हायरिंग का तरीका भी काफी अनोखा है। कंपनी नए टैलेंट को सिलेक्ट करने के लिए कोडिंग कंपीटिशंस, टेक्निकल चैलेंज और डायरेक्ट इवैल्यूएशन जैसे एडवांस तरीकों का यूज करती है। यहां पारंपरिक इंटरव्यू प्रोसेस की भूमिका लगभग न के बराबर ही देखी जाती है।
जानिए टेलीग्राम की बंपर कमाई और धांसू प्रॉफिट का असली राज
शुरुआत में टेलीग्राम मुख्य रूप से फाउंडर पावेल दुरोव की पर्सनल फंडिंग के जरिए ही चलता था। लेकिन अब कंपनी ने रेवेन्यू जेनरेट करने के कई सॉलिड सोर्सेज बना लिए हैं। कंपनी की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा ‘Premium Subscription’ मॉडल से आता है, जिसमें यूजर्स को कुछ एक्स्ट्रा फीचर्स मिलते हैं।
इसके अलावा टेलीग्राम अपने पब्लिक चैनल्स पर बहुत ही लिमिटेड विज्ञापन भी दिखाता है। कंपनी ने साफ किया है कि यूजर्स की पर्सनल चैट में कभी कोई विज्ञापन नहीं दिखाया जाता है। पावेल दुरोव के अनुसार, टेलीग्राम ने साल 2024 में करीब 547 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया था।
टेलीग्राम का यह मॉडल दिखाता है कि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन की मदद से एक छोटी सी टीम भी ग्लोबल प्लेटफॉर्म को ऑपरेट कर सकती है। हालांकि, इतनी छोटी टीम होने से कंटेंट मॉडरेशन, इंटरनेशनल लीगल रूल्स और यूजर सपोर्ट जैसी सेंसिटिव चीजों को संभालने में कई बार टीम पर प्रेशर बढ़ जाता है।

