Himachal Pradesh News: केंद्र सरकार ने देश सहित हिमाचल प्रदेश के शहरों की पुरानी समस्याओं को दूर करने के लिए बड़ा फैसला किया है। लंबित पड़े बड़े विकास कार्यों के लिए सरकार अब पच्चीस फीसदी अतिरिक्त बजट का विशेष प्रावधान करेगी। केंद्र सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है।
शहरी विकास के लिए केंद्र ने जारी की नई गाइडलाइन
शहरी विकास विभाग और स्थानीय नगर निकाय अब नए नियमों के तहत विशेष प्रोजेक्ट प्रपोजल तैयार करने में जुट गए हैं। इस फैसले से स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन जैसी पुरानी केंद्रीय योजनाओं से छूटे हुए बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जाएगा। रुकी हुई विकास परियोजनाओं को इससे नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।
बीते वर्षों में स्मार्ट सिटी मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत कई महत्त्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इसके बावजूद अनेक शहरों में ट्रैफिक जाम, जल निकासी, सीवर नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। इन सभी शहरी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
जानिए क्या होगा बजट शेयरिंग का नया वित्तीय फॉर्मूला
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को अब तक विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में बजट मिलता रहा है। हालांकि, यह नया विशेष प्रावधान एक अलग व्यवस्था के तहत काम करेगा। इसमें केंद्र सरकार कुल बजट का पच्चीस फीसदी हिस्सा देगी, जबकि शेष पचहत्तर फीसदी बजट राज्य सरकार और संबंधित निकायों को खुद उठाना होगा।
नगर निकाय अब सीधे उन सभी प्रोजेक्ट्स का नया प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज सकेंगे। ये वो काम होंगे जो बजट की कमी से अधूरे रह गए थे। नगर निगम धर्मशाला के कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सीईओ जफर इकबाल ने बताया कि इस पच्चीस फीसदी विशेष बजट से शहर की मुख्य समस्याओं को दूर किया जाएगा।

