Hyderabad News: बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2022 में 11 वर्षीय एक मासूम बच्चे का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में एक मदरसा शिक्षक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
स्थानीय पुलिस के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, यह दर्दनाक मामला साल 2022 में तब सामने आया जब पीड़ित के पिता ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का बेटा शाहीन नगर स्थित मदरसा जामिया नूरुल अनवर में पढ़ता था, लेकिन वह अचानक डर के मारे वहां जाने से कतराने लगा था।
डरा-धमका कर एक महीने तक किया यौन उत्पीड़न
मासूम बच्चे ने रोते हुए अपने पिता को बताया कि मदरसे का शिक्षक सैयद नदीम उसे जबरदस्ती अपने घर ले जाता था। आरोपी शिक्षक ने वहां डरा-धमका कर उसके साथ कुकर्म किया। आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी थी ताकि वह किसी को कुछ न बताए।
स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था। शहर पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर विशेष अदालत में त्वरित कानूनी सुनवाई पूरी की गई। अदालत ने मामले के सभी सबूतों को बेहद पुख्ता पाया।
लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने वाली विशेष अदालत ने आरोपी सैयद नदीम को दोषी करार दिया। अदालत ने समाज में नजीर पेश करने के लिए दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

