Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने आज शिमला में मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड की ओर से 73.92 लाख रुपये का चेक भेंट किया। यह अंशदान कंपनी ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए प्रदान किया है। मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड एक सरकारी उपक्रम है, जिसके पास वर्तमान में ऐतिहासिक वाइल्डफ्लावर हॉल के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह योगदान राज्य के जरूरतमंद वर्गों की मदद में काम आएगा।
कानूनी लड़ाई में मिली बड़ी सफलता का परिणाम
मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वाइल्डफ्लावर हॉल अब एक लाभकारी संस्थान के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लंबी और सफल कानूनी लड़ाई के बाद राज्य सरकार ने मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री के निजी हस्तक्षेप और कानूनी विशेषज्ञों की तैनाती के बाद लगभग तीन दशकों से लंबित विवाद का अंत हुआ। सरकार के प्रभावी पक्ष के कारण ही यह ऐतिहासिक संपत्ति अब राज्य के स्वामित्व में आई है।
120 साल पुरानी ऐतिहासिक संपत्ति का मिला भौतिक कब्जा
वाइल्डफ्लावर हॉल शिमला की लगभग 120 वर्ष पुरानी एक बेशकीमती और ऐतिहासिक लग्ज़री होटल संपत्ति है। दशकों तक कानूनी दांव-पेच में फंसे रहने के बाद 20 फरवरी, 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर राज्य सरकार के कानूनी अधिकार को मान्यता दी। इसके उपरांत, 31 मार्च, 2025 को राज्य सरकार को इस प्रतिष्ठित संपत्ति का भौतिक कब्जा प्राप्त हुआ। अब यह संपत्ति निजी हाथों के बजाय सरकारी प्रबंधन के तहत राज्य के राजस्व में योगदान दे रही है।
वंचित वर्गों के कल्याण में खर्च होगी राशि
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के अंशदान से समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों एवं वर्गों को प्रत्यक्ष सहायता मिलेगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य ‘सुख-आश्रय कोष’ के माध्यम से उन लोगों का जीवन सुधारना है जिनका कोई सहारा नहीं है। मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड द्वारा दी गई यह राशि इसी सामाजिक सरोकार की दिशा में एक बड़ा कदम है। चेक भेंट करने के दौरान प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी मौजूद रहे।
लाभकारी संस्थान के रूप में उभरा मशोबरा रिज़ॉर्ट
राज्य सरकार के प्रबंधन में आने के बाद मशोबरा रिज़ॉर्ट लिमिटेड ने सकारात्मक वित्तीय परिणाम देने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी उपक्रमों को कार्यकुशल बनाकर उन्हें राज्य की आर्थिकी का आधार बनाया जा सकता है। वाइल्डफ्लावर हॉल का मामला इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहाँ सही कानूनी पैरवी से एक मृतप्राय विवाद को राज्य के लाभ में बदला गया। आने वाले समय में इस होटल से प्राप्त होने वाला लाभ जनहितैषी योजनाओं में निवेश किया जाएगा।

