इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मेरठ की डॉ. शुचि गुप्ता का बजा डंका, ‘गिरमिटिया जहाजिन’ के लिए मिला बड़ा सम्मान

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली प्रसिद्ध एजुकेशनिस्ट और डाक्यूमेंट्री फिल्ममेकर डॉ. शुचि गुप्ता ने वैश्विक स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। उनकी आने वाली शानदार डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘गिरमिटिया जहाजिन’ के बेहतरीन टीज़र को एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ा पुरस्कार मिला है।

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नोएडा में आयोजित एएएफटी 128वें ‘फेस्टिवल ऑफ शॉर्ट डिजिटल फिल्म्स’ में डॉ. शुचि गुप्ता को ‘ऑनरेबल मेंशन’ से नवाजा गया। एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन द्वारा आयोजित इस भव्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में देश-विदेश के कई जाने-माने फिल्म समीक्षक और कलाकार शामिल हुए थे।

मजदूरों के दर्दनाक संघर्ष और माइग्रेशन पर आधारित है फिल्म

डॉ. शुचि गुप्ता की यह डाक्यूमेंट्री फिल्म भारत से होने वाले गिरमिटिया श्रमिकों के ऐतिहासिक माइग्रेशन और उनके दर्दनाक संघर्षों की अनसुनी कहानियों को बहुत गहराई से पर्दे पर लाती है। इस फिल्म का टीज़र अपनी बेहतरीन थीम, सटीक रिसर्च और लाजवाब प्रेजेंटेशन के लिए चर्चा में रहा।

इस अनूठी प्रस्तुति ने फेस्टिवल के ज्यूरी मेंबर्स का ध्यान अपनी तरफ मजबूती से आकर्षित किया। डॉ. शुचि गुप्ता ने पुरस्कार मिलने के बाद खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह बड़ा अचीवमेंट उनकी पूरी टीम के लिए बेहद सम्मान और मोटिवेशन का विषय बना है।

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उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि गिरमिटिया जहाजिन केवल एक साधारण डाक्यूमेंट्री नहीं है। यह उन अनसुनी मानवीय कहानियों को सामने लाने का एक ईमानदार प्रयास है, जिन्होंने इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण और दर्द भरे चैप्टर को अपनी आंखों से जिया है।

पूरे प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर साबित होगी यह रिकग्निशन

फिल्ममेकर ने बताया कि इस बड़े इंटरनेशनल प्लेटफार्म से मिली शानदार रिकग्निशन पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित होगी। यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक बेहतर ऐतिहासिक रिसर्च तथा दमदार प्रेजेंटेशन के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी पूरी टीम इस प्रोजेक्ट पर दिन-रात मेहनत कर रही है। बहुत जल्द इस डाक्यूमेंट्री का पूरा वर्जन दर्शकों के सामने रिलीज किया जाएगा। इस खबर के आते ही मेरठ के सांस्कृतिक और कला जगत में जश्न का माहौल है।

फिल्म, एजुकेशन और कल्चरल सेक्टर से जुड़े तमाम दिग्गजों ने डॉ. शुचि गुप्ता को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक विषयों पर बनने वाली डाक्यूमेंट्री फिल्में हमारी पुरानी विरासत और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाती हैं।

Author: Ajay Mishra

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