संसद का मानसून सत्र 2026: मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, ‘एक देश-एक चुनाव’ और 33% महिला आरक्षण समेत कई ऐतिहासिक विधेयकों पर मंथन

New Delhi News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में कई युगांतरकारी और बड़े मुद्दों पर चर्चा करने की पूरी तैयारी कर रही है। यह महत्वपूर्ण सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस दौरान मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार भी देखने को मिल सकता है।

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आरक्षण, परिसीमन और एक देश-एक चुनाव पर हंगामे के आसार

सरकार ने इस सत्र के विधायी कामकाज के लिए कई बड़े और दूरगामी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें देशव्यापी परिसीमन, महिलाओं के लिए आरक्षण और ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे बेहद संवेदनशील विषय शामिल हैं। इसके साथ ही, विपक्ष द्वारा हालिया पेपर लीक मामलों और अयोध्या राम मंदिर में हुए घटनाक्रमों पर संसद में भारी हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

नेताओं के जेल जाने पर स्वतः पदमुक्त होने का नया कानून

सत्र के दौरान सरकार दो अत्यंत महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इसके तहत लाए जाने वाले 130वें संशोधन में यह कड़ा प्रावधान प्रस्तावित है कि यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री पांच वर्ष या उससे अधिक सजा वाले किसी आपराधिक मामले में 30 दिनों से अधिक जेल में रहता है, तो वह स्वतः ही अपने पद से हट जाएगा।

33 फीसदी महिला आरक्षण और एक साथ चुनाव कराने पर बड़ा दांव

सत्र में पेश होने वाला दूसरा महत्वपूर्ण 131वां संशोधन विधेयक महिलाओं को देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की कानूनी गारंटी देता है। इसके अलावा, एक साथ चुनाव कराने से जुड़ा 129वां संशोधन विधेयक भी चर्चा के केंद्र में रहेगा। सरकार का तर्क है कि इससे बार-बार होने वाले चुनावों के खर्च और आचार संहिता से विकास कार्यों में आने वाली बाधा रुकेगी।

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संविधान संशोधन के लिए एनडीए को जुटाना होगा दो-तिहाई बहुमत

इन ऐतिहासिक संशोधनों को पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होगी। वर्तमान में 540 सदस्यीय लोकसभा में संविधान संशोधन के लिए कम से कम 360 वोटों (दो-तिहाई बहुमत) की जरूरत है। एनडीए गठबंधन के पास फिलहाल 300 से अधिक सांसद हैं। ऐसे में सरकार को इन विधेयकों को कानूनी रूप देने के लिए अन्य दलों के सहयोग और आम सहमति की आवश्यकता पड़ेगी।

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