मर्चेंट नेवी में केरल की हिफा सलीम की जांबाजी: फारस की खाड़ी में मिसाइलों के बीच डटी रहीं ‘पांच साब’

Thrissur News: अक्टूबर 2025 में ह्यूस्टन से मर्चेंट नेवी में अपने करियर की शुरुआत करने वाली केरल की 24 वर्षीय हिफा सलीम को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही महीनों में वे युद्ध क्षेत्र के बीच फंस जाएंगी। फारस की खाड़ी में युद्ध छिड़ने के कारण उनके जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर फुजैरा एंकरेज पर रुकना पड़ा।

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डेक पर खड़ी युवा मरीन इंजीनियर के सामने से गुजरीं मिसाइलें

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च की शुरुआत में कुवैत जाने वाला उनका जहाज सुरक्षित दूरी पर इंतजार कर रहा था। तभी एक सुबह ताजी हवा के लिए डेक पर आईं हिफा ने आसमान में तेजी से गुजरती मिसाइलों की चमक देखी। पहली बार असल जिंदगी में ऐसा खौफनाक मंजर देखकर उनके हाथ कांपने लगे थे।

सीनियर अधिकारियों के हौसले को देख बदला काम करने का इरादा

डर के मारे जब हिफा नीचे क्रू के मेस रूम की तरफ भागीं, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गईं। उनके सीनियर अधिकारी पूरी सहजता से नाश्ता करते हुए हंस-बोल रहे थे। जहाज पर फिफ्थ इंजीनियर के पद पर तैनात हिफा, जिन्हें क्रू सदस्य ‘पांच साब’ कहते थे, ने सीनियर्स को देखकर दोबारा डटने का फैसला किया।

सीनियर ऑफिसर ने बढ़ाया हौसला और सिखाया संकट से लड़ना

जहाज के मुख्य इंजन की आवाज ने हिफा को भरोसा दिलाया कि वे सुरक्षित हैं। उनका उतरा हुआ चेहरा देखकर सेकेंड इंजीनियर ने हौसला बढ़ाते हुए कहा, “पांच साब अब मजबूत हो गई हैं।” उन्होंने हिफा को काम में व्यस्त कर दिया, जिससे उनका डर पूरी तरह गायब हो गया और वे टीम का मजबूत हिस्सा बन गईं।

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वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारत का दबदबा और नाविकों की ताकत

त्रिशूर के छोटे से कस्बे एडक्कझियूर की रहने वाली हिफा अपने क्षेत्र की पहली महिला मरीन इंजीनियर हैं। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर भारत 3.23 लाख नाविकों के साथ दुनिया की तीसरी बड़ी महाशक्ति है। इस युद्ध के दौरान भारत के 13 जहाजों के साथ करीब 550 भारतीय नाविक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे रहे थे।

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