Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के हौज रानी स्थित एक गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग ने २१ मासूम जिंदगियां लील लीं। इस दर्दनाक हादसे में झारखंड के बोकारो की रहने वाली २५ वर्षीय होनहार युवती श्रुतिका बरनवाल की भी मौत हो गई। वह ऑफिस के काम से दिल्ली आई हुई थीं।
श्रुतिका ने मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से वॉटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया था। वह कैंपस प्लेसमेंट के जरिए रबर, केमिकल एंड पॉलिमर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल में चयनित हुई थीं। वह जल्द ही मुंबई में अपनी नई नौकरी शुरू करने वाली थीं।
दोस्त से फोन पर बात करते समय हुआ हादसा
हादसे के वक्त श्रुतिका अपने कॉलेज के दोस्त अमन सिंह से फोन पर बात कर रही थीं। अमन ने बताया कि बातचीत के दौरान अचानक श्रुतिका के चीखने की आवाज आई और फोन कट गया। दोबारा संपर्क न होने पर दोस्तों ने दिल्ली पुलिस की मदद ली, जिसने हादसे की पुष्टि की।
अमन और अन्य सहपाठियों ने तुरंत इस दुखद घटना की जानकारी बोकारो में रहने वाले श्रुतिका के मध्यमवर्गीय परिवार को दी। इस खबर को सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपनी बेटी की इस तरह अचानक मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया है।
शिक्षकों और दोस्तों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कॉलेज में श्रुतिका की रूममेट रहीं रितिका अग्रवाल ने उन्हें एक बेहद खुशमिजाज और जीवंत लड़की के रूप में याद किया। रितिका ने बताया कि श्रुतिका हर बात को सहजता से स्वीकार करती थीं। वह एक बेहतरीन दोस्त होने के साथ-साथ दूसरों की समस्याओं को ध्यान से सुनने वाली इंसान थीं।
टीआईएसएस के प्रोफेसर प्रांजल दीक्षित ने बताया कि श्रुतिका बहुत मेहनती और ईमानदार छात्रा थीं। धनबाद में उथले भूजल स्रोतों के प्रबंधन पर किए गए उनके रिसर्च प्रोजेक्ट को क्षेत्र के बड़े विशेषज्ञों ने काफी सराहा था। वह सामाजिक क्षेत्र में सकारात्मक और बड़ा बदलाव लाना चाहती थीं।
मेघ पाइन अभियान के एकलव्य प्रसाद ने श्रुतिका के रिसर्च वर्क को गाइड किया था। उन्होंने कहा कि फील्ड वर्क में श्रुतिका की भागीदारी वाकई तारीफ के काबिल थी। वह औपचारिकता के लिए नहीं बल्कि पूरी रुचि और जिम्मेदारी से काम करती थीं। उनके जाने से सामाजिक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है।
Author: Gaurav Malhotra

