Global News: जमीन पर एआई डेटा सेंटर की रेस से ऊपर उठते हुए दुनिया के सबसे रईस इंसान एलन मस्क अब स्पेस का यूज करना चाहते हैं। उनकी कंपनी स्पेसएक्स अंतरिक्ष में 10 लाख एआई सैटेलाइट भेजने की तैयारी में है। इन सैटेलाइट्स में पावरफुल चिप लगी होगी, जो एआई कंप्यूटिंग का काम संभालेंगी।
एलन मस्क का नया प्रोजेक्ट स्टारमाइंड और उसकी ताकत
एलन मस्क ने खुद कन्फर्म किया है कि इस नए मिशन को ‘प्रोजेक्ट स्टारमाइंड’ कहा जाएगा। यह नाम सुनने में कंपनी के स्टारलिंक नेटवर्क की तरह लगता है, लेकिन दोनों के काम में बड़ा अंतर है। स्टारलिंक जहां इंटरनेट सर्विस देता है, वहीं स्टारमाइंड का फोकस पूरी तरह से एआई प्रोसेसिंग पर होगा।
भले ही इस बड़े प्रोजेक्ट का नाम अब सामने आया है, लेकिन इस पर बैकग्राउंड में काम पिछले कई महीनों से चल रहा था। इसी साल जनवरी में स्पेसएक्स ने यूएस फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन से 10 लाख एआई सैटेलाइट का एक विशाल नेटवर्क बनाने की जरूरी परमिशन मांगी थी।
इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी आउटर स्पेस में एक बहुत बड़ा और एडवांस कंप्यूटिंग नेटवर्क डेवलप करना चाहती है। इस नेटवर्क में फिट सैटेलाइट सिर्फ डेटा ट्रांसमिट नहीं करेंगे, बल्कि वे एआई से जुड़े हैवी कंप्यूटिंग टास्क भी खुद ही कंप्लीट करेंगे। इनमें सोलर एनर्जी से चलने वाले प्रोसेसर होंगे।
अगले साल टेस्ट यूनिट की लॉन्चिंग और स्पेस डेटा सेंटर की वजह
तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो हर सैटेलाइट करीब 79 मीटर चौड़ा होगा। यह डिवाइस करीब 120-150 किलोवाट की बड़ी कंप्यूटिंग पावर जेनरेट कर सकेगा। इस प्रोजेक्ट की टेस्टिंग के लिए अगले साल की शुरुआत में दो स्पेशल टेस्ट यूनिट को स्पेस में लॉन्च किया जा सकता है।
अगर यह पूरी प्लानिंग सक्सेसफुल रहती है, तो आने वाले समय में आपकी एआई रिक्वेस्ट को सीधे स्पेस में ही प्रोसेस किया जा सकेगा। इस काम के लिए जमीन पर बने डेटा सेंटर्स की जरूरत बिल्कुल खत्म हो जाएगी। कंपनी इस मिशन के लिए अपने स्टारशिप रॉकेट का यूज करेगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पूरी दुनिया में डेटा सेंटर्स की डिमांड तेजी से बढ़ गई है। जमीन पर इन्हें बनाने के लिए बड़ी जगह, भारी मात्रा में पानी और बिजली की जरूरत होती है। इस एनवायरनमेंट प्रॉब्लम से बचने के लिए एलन मस्क अब स्पेस डेटा सेंटर का नया रास्ता चुन रहे हैं।

