Mumbai News: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सीनियर सिटीजन को बड़ी राहत देते हुए पेंशन से जुड़े नियम में एक अहम बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत बैंक अब बिना किसी प्रायर नोटिस के वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन अकाउंट से मनमाने तरीके से पैसे नहीं काट सकते हैं।
बिना जानकारी दिए पेंशन अकाउंट से पैसा काटने पर लगी रोक
अक्सर ऐसा देखा गया है कि बैंक किसी टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण पेंशनभोगियों के बैंक खाते में ज्यादा पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। इसके बाद बैंक पेंशनर्स को बिना कोई जानकारी दिए उनके खाते से एक साथ बड़ा अमाउंट डिडक्ट कर लेते हैं। इससे बुजुर्गों को अपना बजट संभालने में दिक्कत होती है।
बैंकों के इस अचानक उठाए गए कदम से सीनियर सिटीजन को अपनी फ्यूचर प्लानिंग करने में काफी मुश्किलें आती हैं। बुजुर्गों की इसी गंभीर समस्या को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे देश के लाखों पेंशनभोगियों को एक बड़ा मानसिक एश्योरेंस मिलेगा।
आरबीआई की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब देश का कोई भी बैंक किसी सरकारी पेंशनभोगी के बैंक खाते से ज्यादा किए गए भुगतान की बिना किसी पूर्व सूचना के रिकवरी नहीं कर सकता है। अगर बैंक को एक्स्ट्रा पेमेंट की रिकवरी करनी है, तो उसे एडवांस में रिटेन नोटिस देना होगा।
बैंकों को देनी होगी पूरी कैलकुलेशन शीट और रिकवरी का टाइम फ्रेम
आरबीआई की नई गाइडलाइन के तहत केवल नोटिस देना ही काफी नहीं होगा। बैंकों को अब पेंशनर्स के साथ यह जानकारी भी शेयर करनी होगी कि एक्स्ट्रा मनी का पेमेंट कब और किस तारीख को हुआ था। इसके साथ ही पूरी कैलकुलेशन शीट भी प्रोवाइड करानी होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
पेंशनर्स को इस बात की भी पूरी डिटेल देनी होगी कि रिकवरी को लेकर बैंक का अगला प्लान क्या है। इस स्टेटमेंट में इस बात का साफ विवरण होना चाहिए कि कब और कितने महीनों की ईएमआई में ज्यादा हुए भुगतान की रिकवरी की जाएगी, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को आसानी हो।
इस फैसले से न सिर्फ बैंकों की मनमानी पर पूरी तरह ब्रेक लगेगा, बल्कि देश के वरिष्ठ नागरिक बैंकों से मिली जानकारी को देखते हुए डेटा क्रॉस चेक भी कर पाएंगे। अब पासबुक अपडेट कराने पर मिलने वाले अनचाहे झटकों से सीनियर सिटीजंस को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

