नोक्टूरिया और गर्भनिरोधक गोलियां: रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है किडनी या हार्ट की बीमारी का शुरुआती संकेत, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

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Odisha News: रात में कभी-कभार पेशाब आना पूरी तरह नॉर्मल होता है। खासकर, जो लोग सोने से पहले काफी ज्यादा मात्रा में पानी पी लेते हैं, वे आधी रात को भी नींद से उठ जाते हैं। लेकिन अगर किसी को नियमित रूप से बार-बार यूरिन आ रहा है, तो इस मेडिकल कंडीशन को नोक्टूरिया कहा जाता है।

रात में बार-बार पेशाब आना कब बनता है किडनी और हार्ट का क्राइसिस

भुवनेश्वर स्थित मणिपाल हॉस्पिटल के एसोसिएट कंसलटेंट (यूरोलॉजी) के अनुसार, नोक्टूरिया को आमतौर पर बुजुर्गों की समस्या माना जाता है। हालांकि, कुछ गंभीर मामलों में यह गुर्दे या हृदय से जुड़ी किसी बीमारी का बड़ा संकेत हो सकता है। इसलिए रात की नींद बार-बार टूटने पर इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें।

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किडनी का मुख्य काम वेस्ट प्रोडक्ट्स को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालना है। जब किडनी डैमेज होने लगती है, तो उसकी वर्किंग कैपेसिटी प्रभावित होती है। ऐसे में किडनी बहुत ज्यादा मात्रा में यूरिन बनाने लगती है। यह क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) का एक बेहद कॉमन शुरुआती लक्षण है।

हार्ट फेलियर से पीड़ित लोगों में दिन के समय पैरों और शरीर के निचले हिस्से में फ्लूइड जमा होने लगता है। रात में बिस्तर पर लेटने पर यह लिक्विड वापस ब्लड सर्कुलेशन में आ जाता है और किडनी उसे फिल्टर करने लगती है। इसी वजह से रात के समय यूरिन का प्रोडक्शन अचानक बढ़ जाता है।

गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल की सही उम्र, समय सीमा और साइड इफेक्ट्स

इस हेल्थ बुलेटिन में महिलाओं की सेहत से जुड़े एक और जरूरी विषय पर बेंगलुरु की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर मेघना रेड्डी जेटी ने महत्वपूर्ण फैक्ट्स शेयर किए हैं। उनके अनुसार, यदि महिला को कोई गंभीर बीमारी नहीं है, तो गर्भनिरोधक गोलियों (ओसीपी) का उपयोग कई सालों तक किया जा सकता है।

कुछ महिलाएं डॉक्टर की देखरेख में इन्हें 5 से 10 साल या उससे ज्यादा समय तक भी लेती हैं। इसके लिए पीरीयॉडिक हार्मोनल चेकअप, ब्लड प्रेशर और लिवर फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी होता है। ये ओरल पिल्स ओवेरियन और एंडोमेट्रियल कैंसर के खतरे को कम करने में भी काफी मददगार साबित होती हैं।

इन पिल्स का उपयोग आमतौर पर किशोरावस्था के बाद से लेकर मेनोपॉज तक यानी 18 से 45 साल की उम्र तक सेफ माना जाता है। लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक इनका सेवन करने से सिरदर्द, मतली, वजन बढ़ना और ब्लड क्लॉटिंग का रिस्क बढ़ जाता है। कोई भी दवा शुरू करने से पहले एक्सपर्ट से कंसल्ट जरूर करें।

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