हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए बड़ा कदम, अगले तीन साल में तैयार होंगे पंद्रह हजार विशेष प्रशिक्षित आपदा रक्षक

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Himachal Pradesh News: प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया गया है। राज्य सरकार अगले तीन वर्षों के भीतर पंद्रह हजार विशेष प्रशिक्षित आपदा रक्षक तैयार करेगी। यह वालंटियर्स आपात स्थितियों में राहत कार्यों को संभालेंगे।

युवाओं और स्थानीय स्वयंसेवकों को मिलेगा विशेष तकनीकी प्रशिक्षण

इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न जिलों और पंचायतों से स्थानीय युवाओं तथा स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा। इन चयनित लोगों को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी गंभीर आपदाओं से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्राथमिक उपचार और खोज अभियान की भी जानकारी दी जाएगी।

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बाढ़ प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों और महिलाओं की सहभागिता पर विशेष ध्यान

राज्य के प्रत्येक जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा रक्षक तैयार करने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। इस पूरी मुहिम में महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आपदा के समय त्वरित और प्रभावी मदद मिल सके।

पंचायत स्तर तक मजबूत नेटवर्क और सुरक्षा तंत्र होगा विकसित

पहाड़ी राज्य में हर साल मानसून के समय फ्लैश फ्लड और सड़क हादसे होते हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में प्रशिक्षित आपदा रक्षक राहत कार्य तेज करने में अहम भूमिका निभाएंगे। सरकार का मुख्य लक्ष्य पंचायत स्तर तक एक मजबूत और आत्मनिर्भर सुरक्षा नेटवर्क विकसित करना है।

ये आपदा रक्षक स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ जैसी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे। इस अभियान का बड़ा उद्देश्य गांव-गांव तक लोगों को जागरूक करना है। इसके माध्यम से समाज में आपदा से पहले ही तैयारी की एक नई संस्कृति को विकसित किया जाएगा।

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