Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सीमा सड़क संगठन ने एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। बादल फटने से दस महीने पहले टूटे मचैल इलाके के सड़क संपर्क को फिर से बहाल कर दिया गया है। टीम ने मात्र बारह दिनों में एक सौ चालीस फीट लंबा मजबूत बेली ब्रिज तैयार किया है।
रणनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुल का हुआ वर्चुअल उद्घाटन
व्हाइट नाइट कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने इस नवनिर्मित पुल का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस खास मौके पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। प्रोजेक्ट संपर्क के तहत सेना के इंजीनियरों और बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स ने मिलकर इस बेहद कठिन काम को अंजाम दिया है।
खराब मौसम और भौगोलिक चुनौतियों के बीच रिकॉर्ड समय में काम पूरा
बीते साल चौदह अगस्त को आई भीषण आपदा में चिशोटी का पुराना पुल पूरी तरह बह गया था। इसके बाद गुलाबगढ़ और मचैल का एकमात्र जमीनी संपर्क पूरी तरह टूट गया था। जवानों ने खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद साइट तैयार करने से लेकर लॉन्चिंग तक का काम रिकॉर्ड समय में किया।
वार्षिक मचैल माता तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले मिली बड़ी राहत
यह मार्ग मचैल माता मंदिर पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां हर साल तीन लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। जुलाई महीने से शुरू होने वाली इस वार्षिक यात्रा से पहले पुल का बनना स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा। यह पुल भविष्य में लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र को भी जोड़ेगा।
सीमा सड़क संगठन के अनुसार इस पुल से सुदूर क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को दोबारा रफ्तार मिलेगी। यह प्रोजेक्ट भारतीय सेना के बेहतरीन तालमेल, कुशल इंजीनियरिंग क्षमता और प्रतिकूल परिस्थितियों में तेजी से काम करने की प्रतिबद्धता का एक शानदार और बेजोड़ उदाहरण बनकर देश के सामने आया है।

