Odisha News: किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी आज के समय में एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या बन चुकी है। कई बार छोटे स्टोन बिना किसी बड़ी परेशानी के शरीर से बाहर निकल जाते हैं। लेकिन बड़े स्टोन के कारण बॉडी में तेज दर्द, यूरिन इंफेक्शन और ब्लीडिंग जैसी गंभीर प्रॉब्लम्स होने लगती हैं।
किडनी स्टोन का इलाज ही काफी नहीं, दोबारा होने का रहता है खतरा
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक बार किडनी स्टोन होने के बाद इसके दोबारा बनने का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई लोग मेडिकल ट्रीटमेंट के बाद यह मान लेते हैं कि अब वे पूरी तरह से सेफ हैं। लेकिन अगर डेली लाइफ में जरूरी सावधानियां न बरती जाएं, तो यह समस्या दोबारा परेशान कर सकती है।
वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजीव कुमार बेहरा के अनुसार, किडनी स्टोन का केवल इलाज करवाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके परमानेंट सॉल्यूशन के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करने होंगे। सबसे पहला और आसान तरीका यह है कि शरीर में कभी भी पानी की कमी न होने दें।
पर्याप्त मात्रा में लिक्विड डाइट लेने से यूरिन हमेशा पतला बना रहता है। इससे स्टोन बनाने वाले खतरनाक मिनरल्स और केमिकल्स किडनी में जमा नहीं हो पाते। खासकर गर्मियों के मौसम में या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोगों को डेली पानी पीने का एक फिक्स टारगेट जरूर रखना चाहिए।
नमक पर कंट्रोल और सही डाइट प्लान से टलेगा पथरी का रिस्क
ज्यादा नमक यानी सोडियम का सेवन करने से कैल्शियम का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। पैकेज्ड और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स में नमक की मात्रा बहुत हाई होती है। इसलिए चिप्स, फास्ट फूड और रेडी-टू-ईट स्नैक्स का सेवन तुरंत सीमित कर देना चाहिए।
हर मरीज में किडनी स्टोन का टाइप और उसका साइज अलग-अलग हो सकता है। इसी वजह से सभी लोगों के लिए एक जैसी डाइट बिल्कुल भी सूटेबल नहीं होती। डॉक्टर स्टोन की जांच करने के बाद ही कुछ खास फूड्स जैसे ऑक्सलेट युक्त चीजों या प्रोटीन के सेवन को कंट्रोल करने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा मोटापे को कंट्रोल करना और एक हेल्दी वेट मेंटेन रखना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए आप डेली एक्सरसाइज और योग की मदद ले सकते हैं। जिन लोगों को बार-बार यह समस्या होती है, उन्हें समय-समय पर जरूरी मेडिकल टेस्ट और चेकअप करवाते रहना चाहिए।

