राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़: पूर्व इंजीनियर का बड़ा आरोप- ‘ट्रस्टी लेते थे 40% कमीशन, महासचिव रहे मौन’

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Uttar Pradesh News: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच के बीच एक बहुत बड़ा सनसनीखेज खुलासा हुआ है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने मीडिया के सामने आकर ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र पर निर्माण कार्यों में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का सीधा आरोप लगाया है।

विरोध करने पर मिलीं धमकियां, छोड़ना पड़ा अयोध्या

सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण सामग्री कम मात्रा में मंगाई जाती थी, जबकि बिल बहुत अधिक राशि के पास कराए जाते थे। उन्होंने जब इस भारी कमीशनखोरी का पुरजोर विरोध किया, तो महासचिव चंपतराय ने उन्हें निर्माण कार्य से हटाकर चढ़ावे की नकदी गिनने के काम में लगा दिया।

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पूर्व इंजीनियर ने बताया कि एल्युमिनियम कार्य के ठेकेदार रवि गुप्ता ने भी ट्रस्टी को कमीशन देने की बात कबूली थी, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग उन्होंने चंपतराय को सौंपी थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें धमकियां दी जाने लगीं, जिससे तंग आकर उन्हें मजबूरी में अयोध्या छोड़ना पड़ा।

एसआईटी जांच में वित्तीय पारदर्शिता की खुली पोल

इस बीच, राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ और आभूषणों के मिलान में भारी कमियां पाई हैं। जांच में सामने आया है कि दानपात्रों से भारी नकदी निकालते समय सुरक्षा और पर्यवेक्षण के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।

गोपनीय कक्ष से नकदी गिनकर बाहर निकलने वाले ट्रस्ट के कर्मचारियों की कोई तलाशी तक नहीं ली जाती थी। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब इस ठोस निष्कर्ष पर पहुंच रही है कि इन्हीं गंभीर लापरवाहियों का फायदा उठाकर मंदिर के चढ़ावे में लंबे समय तक बड़ा गबन किया जाता रहा।

ट्रस्टी और संदिग्धों से लगातार पांचवें दिन पूछताछ

लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और विशेष सचिव नीलरतन कुमार की तीन सदस्यीय एसआईटी टीम ने शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन परिसर में डेरा डाला। टीम ने सुबह 10 बजे ही राम जन्मभूमि परिसर में पहुंचकर अपनी सख्त पूछताछ की कार्यवाही शुरू कर दी।

एसआईटी ने ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र को बुलाकर करीब तीन घंटे तक सघन पूछताछ की। इस दौरान नकदी की गणना और वित्तीय रिकॉर्ड में मिली कमियों को लेकर सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ के लिए रामशंकर यादव टिन्नू, मनीष यादव और केडी तिवारी सहित कई अन्य संदिग्ध कर्मचारियों को भी तलब किया गया था।

Author: Ajay Mishra

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