Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में हुए दर्दनाक एचआरटीसी बस हादसे में मृत कंडक्टर जय प्रकाश नेगी के शव को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा गया। फूलों से सजी सरकारी बस में उनका शव देखकर परिजनों और साथी कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं।
हादसे में कंडक्टर समेत तीन लोगों की मौत, 21 यात्री घायल
रामपुर के खड़ाहन में हुए इस भीषण सड़क हादसे में कुल तीन लोगों ने अपनी जान गंवाई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 21 यात्रियों का इलाज खनेरी और शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में चल रहा है। मृत परिचालक जय प्रकाश ननखड़ी के घड़ोली गांव के निवासी थे।
हादसे के शिकार 42 वर्षीय जय प्रकाश को उनके साथी प्यार से जेपी बुलाते थे। उनके निधन पर सहकर्मी विवेक मेहता ने दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जेपी का सरल स्वभाव हमेशा याद रहेगा। उनका जाना पूरे परिवहन निगम परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
घायल छात्र ने कहा, हादसे के तुरंत बाद होश में थे जेपी
खनेरी अस्पताल में भर्ती एक घायल छात्र ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद कंडक्टर जेपी होश में थे। छात्र के पूछने पर उन्होंने कहा था कि वह ठीक हैं। परिजनों के मुताबिक, जेपी के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा, मां और भाई-भाभी हैं। अस्पताल लाते समय उन्होंने दम तोड़ा।
मुख्यमंत्री सुक्खू और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस बस दुर्घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मृतकों के पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने को कहा है।

