Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के मशहूर बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चांदी के चढ़ावे में हेरफेर की खबरों को प्रशासन ने खारिज कर दिया है। हमीरपुर की उपायुक्त (DC) एवं मंदिर अध्यक्ष गंधर्व राठौर ने साफ किया कि मंदिर के चढ़ावे में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई लिखापढ़ी की क्लैरिकल गलती
डीसी गंधर्व राठौर ने बताया कि साल 2022 के मंदिर ऑडिट के दौरान रिकॉर्ड में कुछ अंतर मिला था। स्टॉक रजिस्टर में 11 ग्राम चांदी दर्ज थी, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में 10.10 ग्राम चांदी लिखी गई थी। इस विसंगति पर मंदिर अधिकारी से लिखित जवाब तलब किया गया था।
मंदिर अधिकारी ने प्रशासन को बताया कि यह अंतर केवल एक क्लैरिकल (बाबू की) गलती के कारण हुआ था। डीसी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालु द्वारा चढ़ाए गए 111 ग्राम चांदी के चढ़ावे की जांच की जा चुकी है। भौतिक रूप से सारा चढ़ावा बिल्कुल सुरक्षित और सही पाया गया है।
चढ़ावे की गिनती के लिए नई एसओपी जारी की गई
भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए प्रशासन ने मंदिर में नई एसओपी (SOP) लागू कर दी है। अब चढ़ावे की गिनती के लिए मंदिर परिसर में दो अलग केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है।
सरकार के नए नियमों के तहत इन कैमरों की फुटेज को 180 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य कर दिया गया है। डीसी ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। राम मंदिर विवाद के बीच उड़ी इस अफवाह पर अब पूर्ण विराम लग गया है।

