Dharamshala News: आगामी वार्षिक परीक्षा सत्र 2027 को लेकर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बोर्ड प्रशासन ने मुख्यालय में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा आंतरिक फेरबदल लागू किया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की बदली गई शाखाएं
बोर्ड ने लंबे समय से एक ही सीट या शाखा में जमे कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के विभाग बदल दिए हैं। प्रबंधन ने कामकाज में नई ऊर्जा और तेजी लाने के लिए इन सभी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव की आधिकारिक जानकारी खुद शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड को अधिक परिणामोन्मुख और पूरी तरह गतिशील बनाने के लिए समय-समय पर ऐसे प्रशासनिक निर्णय लेना बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से एक ही सीट पर कार्य कर रहे कर्मियों को नई चुनौतियों का सामना करना होगा। इस कदम से सभी कर्मचारियों के बीच बेहतरीन अनुभवों का आदान-प्रदान होगा। इसके साथ ही उन्हें कार्य करने के लिए नए अवसर भी मिलेंगे।
संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ बनाने पर जोर
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि नियमित अंतराल पर होने वाले ट्रांसफर से संस्था की कार्यप्रणाली में नयापन आता है। इससे विभाग की संस्थागत क्षमता और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को एकजुट होकर पूरी ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने विनम्रता जताते हुए कहा कि बोर्ड की सफलता किसी एक व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं होती। यह पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का ही अंतिम सुखद परिणाम होता है। मैं स्वयं भी इस समर्पित टीम का एक छोटा सा सदस्य मात्र हूं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी टीम मिलकर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए तत्पर रहेगी। बोर्ड भविष्य में अपनी सभी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए नई तकनीक का भी उपयोग करेगा।

