Himachal Monsoon Alert: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हर पंचायत में तैनात होंगे ‘आपदा मित्र’, सरकार ने तेज की तैयारियां

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के आगमन से पहले राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले वर्षों में हुए भारी नुकसान को देखते हुए अब सरकार हर ग्राम पंचायत स्तर पर ‘आपदा मित्र’ तैनात करने जा रही है।

स्थानीय युवाओं को दी जा रही विशेष रेस्क्यू ट्रेनिंग

इसके तहत स्थानीय युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर एक मजबूत टास्क फोर्स तैयार की जाएगी। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो सकेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को इस नई रणनीति की जानकारी दी।

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राजस्व मंत्री ने बताया कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है। इन आपदा मित्रों को प्राथमिक चिकित्सा, रेस्क्यू ऑपरेशन और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पंचायत घरों में रखे जाएंगे जरूरी सुरक्षा उपकरण

सरकार का मुख्य लक्ष्य हर पंचायत में ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवक उपलब्ध कराना है जो संकट के शुरुआती घंटों में प्रभावी भूमिका निभा सकें। इसके साथ ही पंचायत घरों में राहत कार्यों के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण रखने की मुकम्मल तैयारी भी कर ली गई है।

आपदा मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा किट और रेस्क्यू गियर भी दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवाओं की मौजूदगी से प्रभावित लोगों तक मदद सबसे तेजी से पहुंचेगी। जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही हैं।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हुईं तैनात

सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के नियमों के तहत निजी कंपनियों को भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा राज्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की विशेष टीमें संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख हाईवे के पास तैनात की जा रही हैं।

शिमला के ढली स्थित एपीएमसी भवन में राष्ट्रीय बल की टीमों को ठहराया जाएगा। वहीं प्रांतीय बल की टीमें अन्य संवेदनशील जिलों में मुस्तैद रहेंगी। मुख्यमंत्री स्वयं इन सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

किन्नौर में फ्लैश फ्लड और पुल टूटने पर नजर

इस बीच किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ से एक जल विद्युत परियोजना और मुख्य मार्ग को आंशिक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित रास्तों को खोलने में जुटा है। उधर उरनी क्षेत्र में मंगलवार को लोहे का एक पुराना पुल अचानक टूट गया।

राजस्व मंत्री ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग चालू होने से यातायात पूरी तरह ठप नहीं हुआ है। हालांकि इस पुल के गिरने से सेना के वाहनों और स्थानीय निर्माण कार्यों पर थोड़ा असर पड़ा है। इस नए बाईपास रूट से यात्रियों को करीब एक घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।

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